सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड एक पर्यटन प्रधान राज्य है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं, इसलिए शहरों और कस्बों को साफ-सुथरा रखना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त निरीक्षकों के लिए यह उनके जीवन का नया पड़ाव है और इसके साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। मुख्यमंत्री ने सभी को नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे अपने काम से स्वच्छता के क्षेत्र में नई मिसाल पेश करेंगे।
‘संसाधन कम हों तो भी हौसला बड़ा होना चाहिए’
सीएम धामी ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नवाचार और नई पहल जरूरी हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसा काम करें कि दूसरे नगर निकाय भी उससे प्रेरणा लें। उन्होंने यह भी कहा कि संसाधन सीमित हो सकते हैं और चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, लेकिन यदि संकल्प मजबूत हो तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनके अनुसार मजबूत इच्छाशक्ति और टीमवर्क के साथ काम किया जाए तो स्वच्छ और सुंदर निकायों का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
शहरी विकास विभाग के नए निदेशालय का शिलान्यास
सीएम धामी ने आगे कहा कि आज शहरी विकास विभाग के निदेशालय का शिलान्यास किया गया है। लंबे समय से सुंदर भवन बनाने की मांग थी। अब ये बनने वाला है। इस भवन के बनने से एक ही स्थान पर ज्यादातर हमारे कार्यालय हो जाएंगी। हमारी व्यवस्थाएं अच्छी हो जाएंगी। यहां से पूरे राज्य की अच्छी मॉनिटरिंग करने में आसानी हो जाएगी। साथ ही सभी निकायों से संवाद स्थापित होने में आसानी हो जाएगी।
सीएम धामी ने निकायों की भूमिका बताई अहम
सीएम धामी ने कहा कि राज्य के गठन के समय हमारे प्रदेश में 63 स्थानीय निकाय थे। आज इस क्षेत्र में बड़ा ढ़ांचा खड़ा हो गया है। 11 नगर निगम, 46 नगर पालिकाएं और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। सभी नगर निकाय इस बात के प्रमाण हैं कि आज शहर, विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। ये हमारे सपनों को साकार के स्थान बन चुके हैं।
सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। स्थानीय निकाय समग्र विकास के मजबूत स्तंभ हैं। हमारे सभी सफाई निरीक्षक इस नींव के पत्थर हैं।


