खनन कार्यालय के लिपिक, चपरासी रिश्वत लेते गिरफ्तार:किशनगंज में 8 हजार और 7 हजार रुपए की रिश्वत की थी मांग

खनन कार्यालय के लिपिक, चपरासी रिश्वत लेते गिरफ्तार:किशनगंज में 8 हजार और 7 हजार रुपए की रिश्वत की थी मांग

किशनगंज में निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को खनन कार्यालय के प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और चपरासी सरोज कुमार को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। प्रधान लिपिक को 8 हजार रुपये और चपरासी को 7 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। चपरासी सरोज कुमार को डुमरिया गर्ल्स हाई स्कूल के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी को खनन कार्यालय के पास एक चाय की दुकान से पकड़ा गया। 8 हजार रुपये और चपरासी ने 7 हजार रुपये मांगे थे यह कार्रवाई चकला निवासी हबीब आलम की शिकायत पर की गई। हबीब आलम से उनके ट्रैक्टर को छुड़ाने और चालान जमा करने के बाद कागजात देने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। प्रधान लिपिक ने 8 हजार रुपये और चपरासी ने 7 हजार रुपये मांगे थे। पीड़ित हबीब आलम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामले का सत्यापन किया गया। सत्यापन के उपरांत निगरानी थाना कांड संख्या 20/26 के तहत 16 फरवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। अनुसंधानकर्ता निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेहदी बनाए गए इस मामले के अनुसंधानकर्ता निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेहदी बनाए गए थे। पटना से पहुंची निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने सादे लिबास में यह कार्रवाई की। टीम ने दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम लेते ही रंगे हाथों दबोच लिया। प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी बतिया निवासी हैं और पांच महीने पहले किशनगंज खनन कार्यालय में पदस्थापित हुए थे। चपरासी सरोज कुमार पटना के फुलवारी शरीफ निवासी हैं और पिछले चार वर्षों से कार्यालय में कार्यरत थे। किशनगंज में निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को खनन कार्यालय के प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और चपरासी सरोज कुमार को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। प्रधान लिपिक को 8 हजार रुपये और चपरासी को 7 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। चपरासी सरोज कुमार को डुमरिया गर्ल्स हाई स्कूल के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी को खनन कार्यालय के पास एक चाय की दुकान से पकड़ा गया। 8 हजार रुपये और चपरासी ने 7 हजार रुपये मांगे थे यह कार्रवाई चकला निवासी हबीब आलम की शिकायत पर की गई। हबीब आलम से उनके ट्रैक्टर को छुड़ाने और चालान जमा करने के बाद कागजात देने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। प्रधान लिपिक ने 8 हजार रुपये और चपरासी ने 7 हजार रुपये मांगे थे। पीड़ित हबीब आलम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामले का सत्यापन किया गया। सत्यापन के उपरांत निगरानी थाना कांड संख्या 20/26 के तहत 16 फरवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। अनुसंधानकर्ता निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेहदी बनाए गए इस मामले के अनुसंधानकर्ता निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेहदी बनाए गए थे। पटना से पहुंची निगरानी डीएसपी आशिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने सादे लिबास में यह कार्रवाई की। टीम ने दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम लेते ही रंगे हाथों दबोच लिया। प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी बतिया निवासी हैं और पांच महीने पहले किशनगंज खनन कार्यालय में पदस्थापित हुए थे। चपरासी सरोज कुमार पटना के फुलवारी शरीफ निवासी हैं और पिछले चार वर्षों से कार्यालय में कार्यरत थे।  

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