मोतिहारी में क्लर्क 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:जीपीएफ का पैसा निकालने के लिए मांगे थे 40 हजार, निगरानी विभाग ने योजना बनाकर पकड़ा

मोतिहारी में क्लर्क 10 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार:जीपीएफ का पैसा निकालने के लिए मांगे थे 40 हजार, निगरानी विभाग ने योजना बनाकर पकड़ा

मोतिहारी में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कार्यरत क्लर्क रवि चतुर्वेदी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता भरत ठाकुर अपने जीपीएफ (भविष्य निधि) का पैसा निकालने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। क्लर्क रवि चतुर्वेदी ने इस काम के लिए उनसे 40 हजार रुपये की मांग की थी। काफी मोलभाव के बाद यह राशि 10 हजार रुपये पर तय हुई। परेशान होकर भरत ठाकुर ने निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गुप्त जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर निगरानी कांड संख्या 24/26 दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी क्लर्क ने रिश्वत के 10 हजार रुपये लिए, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की थी
निगरानी डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले भी टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की थी। उस समय क्लर्क टीम के पहुंचने से पहले ही कार्यालय छोड़कर फरार हो गया था, जिससे गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। हालांकि, दूसरी बार की कार्रवाई में टीम को सफलता मिली। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी क्लर्क को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है। मोतिहारी में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कार्यरत क्लर्क रवि चतुर्वेदी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता भरत ठाकुर अपने जीपीएफ (भविष्य निधि) का पैसा निकालने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। क्लर्क रवि चतुर्वेदी ने इस काम के लिए उनसे 40 हजार रुपये की मांग की थी। काफी मोलभाव के बाद यह राशि 10 हजार रुपये पर तय हुई। परेशान होकर भरत ठाकुर ने निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गुप्त जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर निगरानी कांड संख्या 24/26 दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी क्लर्क ने रिश्वत के 10 हजार रुपये लिए, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की थी
निगरानी डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इससे पहले भी टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की थी। उस समय क्लर्क टीम के पहुंचने से पहले ही कार्यालय छोड़कर फरार हो गया था, जिससे गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। हालांकि, दूसरी बार की कार्रवाई में टीम को सफलता मिली। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी क्लर्क को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल है।  

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