गयाजी में ‘स्वच्छ फल्गु’ के तहत पंचायती अखाड़ा-बहादुरगीर घाट पर सफाई अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया और नदी तट की साफ-सफाई की। स्वयंसेवकों ने नदी में फैली गंदगी, झाड़ियों और कचरे को हटाया। आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से सफाई अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। अभियान के संयोजक विजय कुमार मिट्ठू और सह संयोजक टिंकू गिरी सहित नंद लाल यादव, प्रमोद यादव, ओम प्रकाश निराला, विनोद कुमार, रामदास मांझी, सुदर्शन प्रसाद, रवीन्द्र कुमार और सूबेदार रविदास मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण फल्गु नदी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गंदगी और कचरे से प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए गयाजी के लोगों ने सामूहिक रूप से इसे स्वच्छ रखने का बीड़ा उठाया है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फल्गु नदी के पूर्वी छोर पर सलेमपुर से अलीपुर तक और पश्चिमी छोर पर केंदुई से कंडी तक श्रमदान के माध्यम से सफाई की जाएगी। यह प्रयास न केवल नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता भी बढ़ाएगा। अभियान से जुड़े नेताओं ने राज्य सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें फल्गु नदी के पश्चिमी छोर पर बोधगया से चाकंद तक और पूर्वी छोर पर बसतपुर से खिजरसराय तक मरीन ड्राइव का निर्माण शामिल है। साथ ही, नदी के दोनों किनारों पर स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन घाटों के सौंदर्यीकरण एवं विकास की भी अपील की गई। अभियान में शामिल लोगों ने एक सुर में कहा कि केंदुई घाट, डंडीबाग घाट, विष्णुपद घाट, देव घाट, रामशीला घाट, सीता कुंड सहित अन्य प्रमुख घाटों का विकास होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। गयाजी में ‘स्वच्छ फल्गु’ के तहत पंचायती अखाड़ा-बहादुरगीर घाट पर सफाई अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया और नदी तट की साफ-सफाई की। स्वयंसेवकों ने नदी में फैली गंदगी, झाड़ियों और कचरे को हटाया। आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से सफाई अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है। अभियान के संयोजक विजय कुमार मिट्ठू और सह संयोजक टिंकू गिरी सहित नंद लाल यादव, प्रमोद यादव, ओम प्रकाश निराला, विनोद कुमार, रामदास मांझी, सुदर्शन प्रसाद, रवीन्द्र कुमार और सूबेदार रविदास मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण फल्गु नदी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में गंदगी और कचरे से प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए गयाजी के लोगों ने सामूहिक रूप से इसे स्वच्छ रखने का बीड़ा उठाया है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फल्गु नदी के पूर्वी छोर पर सलेमपुर से अलीपुर तक और पश्चिमी छोर पर केंदुई से कंडी तक श्रमदान के माध्यम से सफाई की जाएगी। यह प्रयास न केवल नदी की स्वच्छता सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता भी बढ़ाएगा। अभियान से जुड़े नेताओं ने राज्य सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें फल्गु नदी के पश्चिमी छोर पर बोधगया से चाकंद तक और पूर्वी छोर पर बसतपुर से खिजरसराय तक मरीन ड्राइव का निर्माण शामिल है। साथ ही, नदी के दोनों किनारों पर स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन घाटों के सौंदर्यीकरण एवं विकास की भी अपील की गई। अभियान में शामिल लोगों ने एक सुर में कहा कि केंदुई घाट, डंडीबाग घाट, विष्णुपद घाट, देव घाट, रामशीला घाट, सीता कुंड सहित अन्य प्रमुख घाटों का विकास होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।


