अररिया नगर परिषद में आउटसोर्सिंग से होगी सफाई:मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी ने वाहनों को रवाना किया

अररिया नगर परिषद में आउटसोर्सिंग से होगी सफाई:मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी ने वाहनों को रवाना किया

अररिया नगर परिषद क्षेत्र में अब सफाई व्यवस्था आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस नई व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत शनिवार को नगर परिषद कार्यालय परिसर से की गई। मुख्य पार्षद विजय मिश्रा और कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रप्रकाश ने संयुक्त रूप से सफाई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मी झाड़ू लेकर सड़कों की सफाई करते हुए नजर आए। यह पहल शहर को नियमित, व्यवस्थित और बेहतर सफाई प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे शहर की स्वच्छता और अधिक प्रभावी बन सकेगी। जिम्मेदारी अब एक पेशेवर आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपी गई कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रप्रकाश ने बताया कि अब तक सफाई का कार्य नगर परिषद द्वारा सीधे संचालित किया जाता था। हालांकि, विभागीय आदेशों के अनुपालन में यह जिम्मेदारी अब एक पेशेवर आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी पर्याप्त मानव बल, आधुनिक उपकरण और वाहनों के साथ काम करेगी, जिससे सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। नगर परिषद का मुख्य लक्ष्य शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखना है, ताकि निवासियों को स्वस्थ वातावरण मिल सके। मॉनिटरिंग और सख्त अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा नई व्यवस्था के तहत नियमित मॉनिटरिंग और सख्त अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मंगल यादव, श्याम मंडल, रंजीत पासवान, सुधीर यादव, दीपक कुमार झा सहित कई वार्ड सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शहर की स्वच्छता के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग से सफाई अधिक पेशेवर और समयबद्ध होगी, जिससे गलियों, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का बोझ कम होगा। यह कदम स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप है, जहां बिहार के कई नगर निकाय आउटसोर्सिंग मॉडल अपना रहे हैं। अररिया नगर परिषद की यह पहल न केवल शहर की छवि सुधारने में मदद करेगी, बल्कि निवासियों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शहर अधिक स्वच्छ और सुंदर नजर आएगा। अररिया नगर परिषद क्षेत्र में अब सफाई व्यवस्था आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस नई व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत शनिवार को नगर परिषद कार्यालय परिसर से की गई। मुख्य पार्षद विजय मिश्रा और कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रप्रकाश ने संयुक्त रूप से सफाई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मी झाड़ू लेकर सड़कों की सफाई करते हुए नजर आए। यह पहल शहर को नियमित, व्यवस्थित और बेहतर सफाई प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे शहर की स्वच्छता और अधिक प्रभावी बन सकेगी। जिम्मेदारी अब एक पेशेवर आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपी गई कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रप्रकाश ने बताया कि अब तक सफाई का कार्य नगर परिषद द्वारा सीधे संचालित किया जाता था। हालांकि, विभागीय आदेशों के अनुपालन में यह जिम्मेदारी अब एक पेशेवर आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि कंपनी पर्याप्त मानव बल, आधुनिक उपकरण और वाहनों के साथ काम करेगी, जिससे सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। नगर परिषद का मुख्य लक्ष्य शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखना है, ताकि निवासियों को स्वस्थ वातावरण मिल सके। मॉनिटरिंग और सख्त अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा नई व्यवस्था के तहत नियमित मॉनिटरिंग और सख्त अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मंगल यादव, श्याम मंडल, रंजीत पासवान, सुधीर यादव, दीपक कुमार झा सहित कई वार्ड सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शहर की स्वच्छता के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग से सफाई अधिक पेशेवर और समयबद्ध होगी, जिससे गलियों, नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का बोझ कम होगा। यह कदम स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप है, जहां बिहार के कई नगर निकाय आउटसोर्सिंग मॉडल अपना रहे हैं। अररिया नगर परिषद की यह पहल न केवल शहर की छवि सुधारने में मदद करेगी, बल्कि निवासियों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शहर अधिक स्वच्छ और सुंदर नजर आएगा।  

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