शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में अचानक तेजी देखने को मिली। सिगरेट बनाने वाली प्रमुख कंपनियों आईटीसी लिमिटेड, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड और वीएसटी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में 20 प्रतिशत तक की उछाल दर्ज की गई। बाजार में यह तेजी मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई, जिनमें कहा गया कि कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का असर उपभोक्ताओं पर डालने के लिए कीमतों में इजाफा किया गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार हाल ही में केंद्र सरकार ने सिगरेट पर उत्पाद शुल्क ढांचे में बदलाव और जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त करने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद कंपनियों ने मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए कीमतें बढ़ाने का कदम उठाया है। विश्लेषकों का अनुमान था कि कर ढांचे में बदलाव से ईबीआईटी में 8 से 15 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है, लेकिन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यह गिरावट लगभग 2 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है।
बताया जा रहा है कि आईटीसी अलग-अलग ब्रांड्स में 20 से 40 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ा सकती है। नई दरों पर शिपमेंट जल्द बाजार में पहुंचने की संभावना है। वहीं, खुदरा विक्रेता भी पुराने स्टॉक को ऊंचे दाम पर बेचते देखे जा रहे हैं।
शेयर बाजार में आईटीसी का शेयर लगातार तीसरे सत्र में मजबूत रहा और दिन में 2 प्रतिशत चढ़कर 331 रुपये के आसपास पहुंच गया। पिछले तीन सत्रों में इसमें करीब 5.5 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का शेयर बीएसई पर 20 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ 2,481 रुपये पर पहुंच गया, जिससे दो दिनों में इसकी तेजी 15 प्रतिशत से अधिक हो गई है। वीएसटी इंडस्ट्रीज में भी सुबह के कारोबार में 3.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि नए कर ढांचे के तहत सिगरेट पर उत्पाद शुल्क को 2,050 रुपये से 8,500 रुपये प्रति 1,000 स्टिक के दायरे में पुनर्गठित किया गया है, इसके अलावा 40 प्रतिशत जीएसटी लागू है। इससे सिगरेट पर कुल कर भार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके चलते मांग, मुनाफे और अवैध व्यापार बढ़ने की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।
बजट में नेशनल कैलैमिटी कंटिंजेंट ड्यूटी (एनसीसीडी) से जुड़ा एक तकनीकी बदलाव भी किया गया है। सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर वैधानिक एनसीसीडी दर 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी है, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होगी। हालांकि, बजट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अधिसूचना के माध्यम से प्रभावी दर फिलहाल 25 प्रतिशत ही बनी रहेगी। सरल शब्दों में कहें तो अभी तत्काल कर वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि भविष्य में दर बढ़ाने के लिए कानूनी प्रावधान तैयार किया गया है।
आईटीसी के दिसंबर तिमाही नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी ने सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज की थी। एफएमसीजी-ओदर्स श्रेणी में दोहरे अंकों की वृद्धि और सिगरेट कारोबार में स्थिर मांग इसका मुख्य कारण रही है। सिगरेट से आय में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे 7 प्रतिशत वॉल्यूम ग्रोथ का समर्थन मिला है।
हालांकि, सिगरेट खंड का मार्जिन घटकर 59.9 प्रतिशत पर आ गया, जो कई तिमाहियों का निचला स्तर है। उच्च लागत वाले पत्ते (लीफ इन्वेंट्री) की खपत के कारण मार्जिन पर दबाव देखा गया। प्रबंधन ने संकेत दिया है कि मौजूदा फसल चक्र में पत्ते की खरीद कीमतें नरम पड़ी हैं, जिससे आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार संभव है।


