रतलाम में चैत्र नवरात्रि में अनेक धार्मिक आयोजन किए जा रहे है। बुधवार को सप्तमी पर्व पर रतलाम से खढ़खंगई माता जी मंदिर राजापुरा तक चुनरी यात्रा निकलेगी। श्रद्धालु हाथों में 111 फीट चुनरी लेकर पैदल चलते हुए 40 किमी का सफर तय कर अगले दिन अलसुबह पहुंचेगी। यात्रा आज शाम 6 बजे राजमहल स्थित श्री पद्मावती माता मंदिर से निकलेगी। आयोजन समिति संयोजक जनक नागल, अध्यक्ष धर्मेन्द्र रांका (पार्षद) एवं नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यात्रा से पूर्व श्री पद्मावती माता एवं श्री चामुंडा माता को 11-11 फीट की चुनरी ओढ़ाकर पूजा-अर्चना एवं महाआरती की जाएगी। इसके पश्चात सैकड़ों भगवा ध्वजों, ढोल-नगाड़ों, बैंड और म्यूजिक सिस्टम के साथ 111 फीट लंबी चुनरी लेकर श्रद्धालु यात्रा प्रारंभ करेंगे। अगले दिन गुरुवार सुबह 6 बजे गढ़खंखाई माता मंदिर पहुंचकर चुनरी अर्पित की जाएगी। हिंदू राष्ट्र की कामना के साथ यात्रा का समापन होगा। चुनरी यात्रा का 26वां वर्ष चुनरी यात्रा का 26वां वर्ष है। यात्रा शहर पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, माणक चौक, घांस बाजार, चौमुखी पुल, चांदनी चौक, लक्कड़पीठा, सुतारों का वास, बाजना बस स्टैंड, अंडर ब्रिज, सागोद रोड एवं शिवगढ़ होते हुए गढ़खंगई माता मंदिर पहुचेंगी। पूरी रात भक्तगण माता रानी के भजन एवं गरबा करते हुए यात्रा में शामिल होंगे। शहरवासियों से शामिल होने का आव्हान आयोजन समिति के महर्षि संजय शिव शंकर दवे, जनक नागल, धर्मेन्द्र रांका, मंगल सिंह पंवार, मदन सोनी, अजय यार्दे, मुकेश गांधी, विपिन सोनी, नीरज चावला, संजय पेमाल, रत्ना पाल, गोपाल शर्मा, गब्बर यादव आदि ने शहर के समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार एवं इष्ट-मित्रों समेत शामिल होने का आव्हान किया है।


