चित्रकूट जिले में रविवार को दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय किशोर की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब श्रीमद्भागवत कथा के समापन के बाद परिवार के लोग जवारा और हवन सामग्री का विसर्जन करने नदी किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान किशोर का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। परिजनों के शोर मचाने पर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और गोताखोरों की मदद से काफी प्रयास के बाद किशोर का शव बाहर निकाला गया। पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, नांदिन कुर्मियान के मजरा मलवारा निवासी रविशंकर ने बताया कि उनके परिवार में राममिलन के यहां श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था, जिसका समापन शनिवार को हुआ था। इसके बाद रविवार दोपहर करीब तीन बजे परिवार के सभी सदस्य यमुना नदी के तुलसी घाट पर जवारा व हवन सामग्री विसर्जित करने पहुंचे थे।
बताया गया कि विसर्जन के दौरान परिवार के लोग नदी में स्नान भी कर रहे थे। स्नान के बाद सभी लोग बाहर निकलकर घर लौटने लगे, लेकिन इसी बीच रविशंकर का पुत्र कृष्ण कुमार (16) दिखाई नहीं दिया। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिजनों ने घाट किनारे खोजबीन की, जहां कृष्ण कुमार के कपड़े और चप्पल रखे मिले। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसके नदी में डूबने की आशंका जताई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों को बुलाकर तलाश अभियान शुरू कराया गया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान कुछ दूरी पर जाल में किशोर का शव फंसा मिला। गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक कृष्ण कुमार के परिवार में दो भाई अजय और लवसिंह, एक बहन अंजली और मां शीलू देवी हैं। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वही पूरे मामले को लेकर थाना प्रभारी लाखन सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


