आईजीआईएमएस में 27 करोड़ रुपए कीरोबोटिक मशीन लगी, डॉक्टरों की ट्रेनिंग शुरू

आईजीआईएमएस में 27 करोड़ रुपए कीरोबोटिक मशीन लगी, डॉक्टरों की ट्रेनिंग शुरू

आईजीआईएमएस में जल्द ही रोबोटिक सर्जरी शुरू होने जा रही है। 27 करोड़ की अत्याधुनिक दा विंची एआई लैस रोबोटिक सिम्युलेटर मशीन लगाई गई है। इससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलेगा। इसके लिए डॉक्टरों की टीम विशेष प्रशिक्षण के लिए दिल्ली गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अगले दो महीने के भीतर मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। आईजीआईएमएस के अस्पताल अधीक्षक सह जीआई सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनीष मंडल सहित आधा दर्जन डॉक्टर बुधवार से दिल्ली में रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सर्जन से त्रुटि होने पर एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट करेगा इस मशीन की खासियत यह है कि प्रशिक्षण के दौरान यदि सर्जन से कोई त्रुटि होती है तो एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट करता है और सुधार के िलए सुझाव भी देता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुरुआती चरण में जनरल सर्जरी और जीआई सर्जरी में उपयोग होगा, इसके बाद गायनी, यूरोलॉजी और अन्य विभागों में भी रोबोटिक तकनीक लागू की जाएगी। अस्पताल अधीक्षक प्रो. डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी खासकर पेट, प्रोस्टेट, किडनी, ब्लैडर, बच्चेदानी और अंडाशय से जुड़ी जटिल सर्जरी में काफी उपयोगी है। आईजीआईएमएस में जल्द ही रोबोटिक सर्जरी शुरू होने जा रही है। 27 करोड़ की अत्याधुनिक दा विंची एआई लैस रोबोटिक सिम्युलेटर मशीन लगाई गई है। इससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलेगा। इसके लिए डॉक्टरों की टीम विशेष प्रशिक्षण के लिए दिल्ली गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अगले दो महीने के भीतर मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। आईजीआईएमएस के अस्पताल अधीक्षक सह जीआई सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनीष मंडल सहित आधा दर्जन डॉक्टर बुधवार से दिल्ली में रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सर्जन से त्रुटि होने पर एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट करेगा इस मशीन की खासियत यह है कि प्रशिक्षण के दौरान यदि सर्जन से कोई त्रुटि होती है तो एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट करता है और सुधार के िलए सुझाव भी देता है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुरुआती चरण में जनरल सर्जरी और जीआई सर्जरी में उपयोग होगा, इसके बाद गायनी, यूरोलॉजी और अन्य विभागों में भी रोबोटिक तकनीक लागू की जाएगी। अस्पताल अधीक्षक प्रो. डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी खासकर पेट, प्रोस्टेट, किडनी, ब्लैडर, बच्चेदानी और अंडाशय से जुड़ी जटिल सर्जरी में काफी उपयोगी है।  

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