केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज दरभंगा दौरे पर रहे। इस दौरान वे बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के स्थानीय आवास पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री ने संजय सरावगी की माता के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि बीमारी से लगभग स्वस्थ हो जाने के बाद अचानक हार्ट अटैक से उनका निधन अत्यंत पीड़ादायक और स्तब्ध करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह न केवल परिवार बल्कि पूरे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। सरावगी परिवार से रिश्ता पुराना पत्रकारों से बातचीत करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद चिराग पासवान ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नेता संजय सरावगी की माता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरावगी परिवार से उनके संबंध आज के नहीं बल्कि दशकों पुराने हैं और दोनों परिवारों के बीच सालों से आत्मीयता रही है। चिराग पासवान ने बताया कि उन्हें अभी जानकारी मिली कि पहले स्वास्थ्य में सुधार हो गया था, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि माता की जगह परिवार में कोई नहीं ले सकता। “जब अपने साथ होते हैं, तो दुखों को झेलना थोड़ा आसान हो जाता है। उसी भावना के साथ आज मैं यहां उनसे मिलने आया हूं।” सरावगी परिवार के सुख-दुख में वे हमेशा शामिल हुए उन्होंने कहा कि सरावगी परिवार के सुख-दुख में वे हमेशा शामिल होते रहे हैं और आगे भी रहेंगे। चिराग ने भावुक स्वर में कहा कि उनके पिता के समय के जो भी साथी हैं, उन्हें वही मान-सम्मान और इज्जत दी जाएगी जो उनके पिता दिया करते थे। “मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि पिछली पीढ़ी और अगली पीढ़ी के बीच संबंध बना रहे, ताकि हम सब मिलकर आगे बढ़ सकें।” चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी और सरकार में उनके पिता के समय के अनुभवी साथियों का मार्गदर्शन भी जरूरी है और युवा सोच के साथ जुड़ रहे लोगों को भी समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने अंत में कहा कि अगर उनके पिता आज जीवित होते और दरभंगा आते, तो निश्चित रूप से अपने पुराने साथियों से मिलते। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे भी उनसे मिलने जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ता, समर्थक और परिजनों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे माहौल में शोक और संवेदना की भावना व्याप्त थी। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज दरभंगा दौरे पर रहे। इस दौरान वे बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के स्थानीय आवास पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। केंद्रीय मंत्री ने संजय सरावगी की माता के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि बीमारी से लगभग स्वस्थ हो जाने के बाद अचानक हार्ट अटैक से उनका निधन अत्यंत पीड़ादायक और स्तब्ध करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह न केवल परिवार बल्कि पूरे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। सरावगी परिवार से रिश्ता पुराना पत्रकारों से बातचीत करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद चिराग पासवान ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नेता संजय सरावगी की माता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरावगी परिवार से उनके संबंध आज के नहीं बल्कि दशकों पुराने हैं और दोनों परिवारों के बीच सालों से आत्मीयता रही है। चिराग पासवान ने बताया कि उन्हें अभी जानकारी मिली कि पहले स्वास्थ्य में सुधार हो गया था, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि माता की जगह परिवार में कोई नहीं ले सकता। “जब अपने साथ होते हैं, तो दुखों को झेलना थोड़ा आसान हो जाता है। उसी भावना के साथ आज मैं यहां उनसे मिलने आया हूं।” सरावगी परिवार के सुख-दुख में वे हमेशा शामिल हुए उन्होंने कहा कि सरावगी परिवार के सुख-दुख में वे हमेशा शामिल होते रहे हैं और आगे भी रहेंगे। चिराग ने भावुक स्वर में कहा कि उनके पिता के समय के जो भी साथी हैं, उन्हें वही मान-सम्मान और इज्जत दी जाएगी जो उनके पिता दिया करते थे। “मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि पिछली पीढ़ी और अगली पीढ़ी के बीच संबंध बना रहे, ताकि हम सब मिलकर आगे बढ़ सकें।” चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी और सरकार में उनके पिता के समय के अनुभवी साथियों का मार्गदर्शन भी जरूरी है और युवा सोच के साथ जुड़ रहे लोगों को भी समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने अंत में कहा कि अगर उनके पिता आज जीवित होते और दरभंगा आते, तो निश्चित रूप से अपने पुराने साथियों से मिलते। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वे भी उनसे मिलने जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ता, समर्थक और परिजनों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे माहौल में शोक और संवेदना की भावना व्याप्त थी।


