केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपनी शादी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। चिराग के समर्थक उनकी शादी को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन वह अपनी शादी नहीं कर रहे हैं। इसी बीच चिराग पासवान की शादी को लेकर उनकी मां रीना पासवान ने बड़ा बयान दिया है। चिराग पासवान की मां ने कहा, वो मानता नहीं है, दिक्कत यह है कि वह शादी के लिए तैयार ही नहीं है। चिराग की शादी को लेकर किया खुलासा चिराग पासवान की मां रीना पासवान ने आगे कहा कि वो कहता है अभी बहुत कुछ करना है, इसलिए मैं अभी शादी नहीं करना चाहता। घर में हर कोई चिराग की शादी के लिए तरस रहा है। उसकी बहनों से लेकर उसके जीजा तक चाहते हैं कि घर में जल्दी शादी की शहनाई बजे। जब शादी की बात आती है तो चिराग हंस कर टाल देता है। जिस दिन वह शादी के लिए हां कहेंगे उस दिन उनकी बारात निकल जाएगी। हम सब तैयार हैं बस चिराग की तरफ से एक हां कहने का इंतजार है। 40 की उम्र पार कर चुके हैं चिराग चिराग पासवान 40 साल से ज्यादा के हो गए हैं। ऐसे में उनकी शादी को लेकर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह कब शादी करेंगे। इसी को लेकर उनके समर्थक भी चिंतित रहते हैं। होली पर उनकी मां ने फिर इस हवा को तेज कर दिया। राजनीति में सक्रिय होने की वजह से चिराग पासवान अब तक अपनी शादी नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनकी शादी को लेकर चर्चाएं हमेशा जोरो पर रहती हैं। पिता के निधन के बाद संभाली पार्टी की कमान 31 अक्टूबर 1982 को चिराग पासवान का जन्म हुआ। मां का नाम रीना पासवान है। शादी से पहले वो एयर इंडिया में एयर हॉस्टेस थीं। पिता रामविलास पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक थे। हाजीपुर लोकसभा सीट से कई बार सांसद रहे। केंद्र में कई बार मंत्री भी बने। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी की सरकार में वो कैबिनेट मंत्री थे। साल 2020 में विधानसभा चुनाव से पहले उनका निधन हो गया था। इसके बाद चिराग पासवान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए। 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के एयरफोर्स स्कूल से की परिवार में कुल 6 सदस्य हैं। चिराग पासवान, मां रीना पासवान, बड़ी बहन निशा पासवान, बहनोई अरूण भारती और उनके दो बच्चे हैं। चिराग ने 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के एयरफोर्स स्कूल से की है। झांसी के कंप्यूटर इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक के सेकेंड सेमेस्टर तक की पढ़ाई की। सांसद रहते चिराग पासवान ने जमुई में एक केंद्रीय विद्यालय खुलवाया। इसके बाद उन्होंने पासपोर्ट ऑफिस का एक ब्रांच खुलवाया। फिर कोरोना काल में लोगों की जान बचाने के लिए एक ऑक्सीजन प्लांट बनवाया। पिछड़े जिलों के विकास के लिए भारत सरकार की योजना के तहत एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को जमुई में लागू करवाया। इसके बाद जमुई एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम में अव्वल बन गया। रामविलास पासवान की दो शादियां रामविलास पासवान ने 1960 में पहली शादी राजकुमारी देवी से की थी, लेकिन 1983 में उनसे तलाक लेने के बाद रीना शर्मा से दूसरी शादी की थी। चिराग पासवान रीना शर्मा के बेटे हैं, लेकिन उनकी बड़ी मां राजकुमारी देवी से भी उनके बेहतर संबंध हैं। चिराग अक्सर अपने पैतृक गांव शहरबन्नी आते रहते हैं। चाचा और भतीजा का पॉलिटिकल विवाद 28 नवंबर 2000 को रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी बनाई थी। 2020 में रामविलास का निधन हुआ। चिराग पासवान और पशुपति पारस पार्टी की कमान को लेकर आमने-सामने आ गए। 14 जून 2021 को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) टूट गई। पारस गुट ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग को सभी पदों से हटा दिया। पारस को नेता चुना। 7 जुलाई 2021 को पारस केंद्रीय मंत्री बन गए। चिराग केंद्र से लेकर राज्य की सत्ता से दरकिनार कर दिए गए। पिता रामविलास पासवान के नाम पर मिला बंगला भी उनसे खाली करा लिया गया। 2024 के लोस चुनाव में चिराग ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। केंद्र में चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री बने और पारस NDA से अलग-थलग पड़ गए। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपनी शादी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। चिराग के समर्थक उनकी शादी को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं, लेकिन वह अपनी शादी नहीं कर रहे हैं। इसी बीच चिराग पासवान की शादी को लेकर उनकी मां रीना पासवान ने बड़ा बयान दिया है। चिराग पासवान की मां ने कहा, वो मानता नहीं है, दिक्कत यह है कि वह शादी के लिए तैयार ही नहीं है। चिराग की शादी को लेकर किया खुलासा चिराग पासवान की मां रीना पासवान ने आगे कहा कि वो कहता है अभी बहुत कुछ करना है, इसलिए मैं अभी शादी नहीं करना चाहता। घर में हर कोई चिराग की शादी के लिए तरस रहा है। उसकी बहनों से लेकर उसके जीजा तक चाहते हैं कि घर में जल्दी शादी की शहनाई बजे। जब शादी की बात आती है तो चिराग हंस कर टाल देता है। जिस दिन वह शादी के लिए हां कहेंगे उस दिन उनकी बारात निकल जाएगी। हम सब तैयार हैं बस चिराग की तरफ से एक हां कहने का इंतजार है। 40 की उम्र पार कर चुके हैं चिराग चिराग पासवान 40 साल से ज्यादा के हो गए हैं। ऐसे में उनकी शादी को लेकर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह कब शादी करेंगे। इसी को लेकर उनके समर्थक भी चिंतित रहते हैं। होली पर उनकी मां ने फिर इस हवा को तेज कर दिया। राजनीति में सक्रिय होने की वजह से चिराग पासवान अब तक अपनी शादी नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनकी शादी को लेकर चर्चाएं हमेशा जोरो पर रहती हैं। पिता के निधन के बाद संभाली पार्टी की कमान 31 अक्टूबर 1982 को चिराग पासवान का जन्म हुआ। मां का नाम रीना पासवान है। शादी से पहले वो एयर इंडिया में एयर हॉस्टेस थीं। पिता रामविलास पासवान लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक थे। हाजीपुर लोकसभा सीट से कई बार सांसद रहे। केंद्र में कई बार मंत्री भी बने। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी की सरकार में वो कैबिनेट मंत्री थे। साल 2020 में विधानसभा चुनाव से पहले उनका निधन हो गया था। इसके बाद चिराग पासवान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए। 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के एयरफोर्स स्कूल से की परिवार में कुल 6 सदस्य हैं। चिराग पासवान, मां रीना पासवान, बड़ी बहन निशा पासवान, बहनोई अरूण भारती और उनके दो बच्चे हैं। चिराग ने 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के एयरफोर्स स्कूल से की है। झांसी के कंप्यूटर इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक के सेकेंड सेमेस्टर तक की पढ़ाई की। सांसद रहते चिराग पासवान ने जमुई में एक केंद्रीय विद्यालय खुलवाया। इसके बाद उन्होंने पासपोर्ट ऑफिस का एक ब्रांच खुलवाया। फिर कोरोना काल में लोगों की जान बचाने के लिए एक ऑक्सीजन प्लांट बनवाया। पिछड़े जिलों के विकास के लिए भारत सरकार की योजना के तहत एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम को जमुई में लागू करवाया। इसके बाद जमुई एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम में अव्वल बन गया। रामविलास पासवान की दो शादियां रामविलास पासवान ने 1960 में पहली शादी राजकुमारी देवी से की थी, लेकिन 1983 में उनसे तलाक लेने के बाद रीना शर्मा से दूसरी शादी की थी। चिराग पासवान रीना शर्मा के बेटे हैं, लेकिन उनकी बड़ी मां राजकुमारी देवी से भी उनके बेहतर संबंध हैं। चिराग अक्सर अपने पैतृक गांव शहरबन्नी आते रहते हैं। चाचा और भतीजा का पॉलिटिकल विवाद 28 नवंबर 2000 को रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी बनाई थी। 2020 में रामविलास का निधन हुआ। चिराग पासवान और पशुपति पारस पार्टी की कमान को लेकर आमने-सामने आ गए। 14 जून 2021 को लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) टूट गई। पारस गुट ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग को सभी पदों से हटा दिया। पारस को नेता चुना। 7 जुलाई 2021 को पारस केंद्रीय मंत्री बन गए। चिराग केंद्र से लेकर राज्य की सत्ता से दरकिनार कर दिए गए। पिता रामविलास पासवान के नाम पर मिला बंगला भी उनसे खाली करा लिया गया। 2024 के लोस चुनाव में चिराग ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की। केंद्र में चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री बने और पारस NDA से अलग-थलग पड़ गए।


