अमेरिका के पूर्व मरीन इंटेलिजेंस अधिकारी ग्रांट न्यूशाम ने भारत को चीन और उसके इरादों पर भरोसा न करने की चेतावनी दी है।
न्यूशाम का कहना है कि जब सबकी नजरें ताइवान पर हैं, तो चीन किसी दूसरे देश पर हमला कर सकता है, शायद भारत पर। उन्होंने कहा कि भारत को इसके लिए पहले से चेतावनी देना जरूरी है।
अपनी सेना में बदलाव कर रहे जिनपिंग
न्यूशाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि चूंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी सेना में बदलाव कर रहे हैं, इसलिए वे उनका टेस्ट करना चाहेंगे। इसी वजह से, जब पूरी दुनिया सांस रोककर ताइवान को देख रही है, तो जिनपिंग इसके बजाय भारत पर हमला करने का फैसला कर सकते हैं।
पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने कहा- सालों पहले एक विदेशी रिपोर्टर ने मुझसे कहा था कि आपको हमेशा वहीं देखना चाहिए जहां बाकी सब नहीं देख रहे हैं। ऐसे में जब सारा ध्यान ताइवान पर है, फिलहाल उसी के बारे में बात हो रही है। लेकिन अगर आप उसी पर ध्यान दे रहे हैं, तो आपको दूसरी जगहों पर भी देखना चाहिए।
चीन पर भारत को भरोसा नहीं करना चाहिए- पूर्व अमेरिकी अधिकारी
न्यूशाम ने कहा कि चीन पर भारत को भरोसा नहीं करना चाहिए। वे लगभग एक निश्चित समय पर एक निश्चित काम करेंगे। हालांकि, चीन का निशाना कोरियाई प्रायद्वीप, दक्षिणी जापान और फिलीपींस भी हो सकता है।
न्यूशाम ने कहा कि ऐसी जगह देखना जहां दुनिया नहीं देख रही है, यह सबसे अच्छी सलाह है। मुझे लगता है कि अमेरिका अभी सबसे सुरक्षित है। हम भाग्यशाली हैं। यह सच में एक ऐसा देश है जो अपनी देखभाल करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि भारत में ऐसे बहुत से लोग हैं जो आपको बताएंगे कि कोई खतरा नहीं है। लेकिन भारत निश्चित रूप से लिस्ट में है। न्यूशाम ने कहा कि यह सच है कि चीनियों ने लंबे समय से कोई युद्ध नहीं लड़ा है, लेकिन गलवान और लद्दाख में भारतीय सेना के साथ उनका हिंसक टकराव हुआ था।
ट्रेनिंग ले रहे चीनी सैनिक
न्यूशाम ने कहा कि चीनी लगातार कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं और उनकी सेना को किसी भी हमले के लिए बुलाया जा सकता है। इससे पहले, अमेरिकी संसद को सौंपी गई पेंटागन की एक रिपोर्ट में चीन के भारत के अरुणाचल प्रदेश पर दावे को उसके बताए गए मुख्य हितों का हिस्सा बताया गया है। पेंटागन की रिपोर्ट में कहा गया था कि 2049 तक चीन भारत के अरुणाचल प्रदेश को हासिल करने की रणनीति बना रहा है।


