किशनगंज में चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता से 15 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवाया गया। सोमवार देर शाम चाइल्ड हेल्पलाइन को किशनगंज शहर के खगड़ा क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक आलोक कुमार भारती ने तत्काल एक टीम गठित की। टीम ने प्रशासनिक सहयोग से मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि सूचना सही थी और बालिका की शादी की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। बारात आने वाली थी। टीम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत विवाह को रुकवा दिया। परिजनों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों, बालिका के शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। शुरुआत में परिजनों ने विवाह रोकने में असमर्थता जताई, लेकिन लगातार समझाइश के बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव में उन्होंने बालिका की शादी तय की थी। टीम ने परिजन से भरवाया शपथ पत्र परिजनों ने बालिका का विवाह न कराने का वादा किया। टीम ने उनसे शपथ पत्र भी भरवाया और 17 फरवरी 2026 को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। परिजनों ने सभी शर्तों पर सहमति व्यक्त की। इस कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर अब्दुल कयूम और अंजू कुमारी, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी अनिल शर्मा, टाउन थाना के पुलिस पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे। किशनगंज में चाइल्ड हेल्पलाइन की सतर्कता से 15 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रुकवाया गया। सोमवार देर शाम चाइल्ड हेल्पलाइन को किशनगंज शहर के खगड़ा क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका के बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक आलोक कुमार भारती ने तत्काल एक टीम गठित की। टीम ने प्रशासनिक सहयोग से मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि सूचना सही थी और बालिका की शादी की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। बारात आने वाली थी। टीम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत विवाह को रुकवा दिया। परिजनों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों, बालिका के शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। शुरुआत में परिजनों ने विवाह रोकने में असमर्थता जताई, लेकिन लगातार समझाइश के बाद उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव में उन्होंने बालिका की शादी तय की थी। टीम ने परिजन से भरवाया शपथ पत्र परिजनों ने बालिका का विवाह न कराने का वादा किया। टीम ने उनसे शपथ पत्र भी भरवाया और 17 फरवरी 2026 को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया। परिजनों ने सभी शर्तों पर सहमति व्यक्त की। इस कार्रवाई में चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर अब्दुल कयूम और अंजू कुमारी, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी अनिल शर्मा, टाउन थाना के पुलिस पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे।


