मधुबनी में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर उप-निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय रश्मि, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रविंद्र कुमार और वरीय उपसमाहर्ता सिम्पा ठाकुर संयुक्त रूप से उपस्थित थे। यह अभियान चाइल्ड हेल्पलाइन एवं सर्वो प्रयास संस्थान द्वारा चलाया जा रहा है। इस जागरूकता वाहन का मुख्य उद्देश्य लोगों को बाल विवाह के प्रति सचेत करना है। अभियान के तहत बताया जा रहा है कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है। कानून के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह कहलाता है। ऐसे विवाह को संपन्न कराना, करवाना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है। बाल विवाह कराने या करवाने वाले दोषी व्यक्तियों को 2 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसमें माता-पिता और तीन रिश्तेदार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह करवाने वाले पंडित, मौलवी और पादरी को भी सजा का प्रावधान है। अपनी सेवाएं देने वाले नाई, हलवाई, बैंड वाले, टेंट वाले या अन्य जो भी इसमें शामिल होंगे, उन्हें भी 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को भी यही दंड मिल सकता है। पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर करें संपर्क इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने बाल विवाह उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया। लोगों से अपील की गई है कि वे बाल विवाह को जड़ से मिटाने और बच्चों को उनके अधिकार दिलाने में सहयोग करें। बाल विवाह होने की स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और जेआरसी हेल्पलाइन नंबर 18001027222 पर सूचित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में सर्वो प्रयास संस्थान की सचिव निर्मला कुमारी, केश वर्कर वीणा चौधरी, हरि कुमार सन्नी सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मधुबनी में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर उप-निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय रश्मि, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा नितेश पाठक, सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रविंद्र कुमार और वरीय उपसमाहर्ता सिम्पा ठाकुर संयुक्त रूप से उपस्थित थे। यह अभियान चाइल्ड हेल्पलाइन एवं सर्वो प्रयास संस्थान द्वारा चलाया जा रहा है। इस जागरूकता वाहन का मुख्य उद्देश्य लोगों को बाल विवाह के प्रति सचेत करना है। अभियान के तहत बताया जा रहा है कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है। कानून के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह कहलाता है। ऐसे विवाह को संपन्न कराना, करवाना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है। बाल विवाह कराने या करवाने वाले दोषी व्यक्तियों को 2 साल तक की कैद और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसमें माता-पिता और तीन रिश्तेदार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह करवाने वाले पंडित, मौलवी और पादरी को भी सजा का प्रावधान है। अपनी सेवाएं देने वाले नाई, हलवाई, बैंड वाले, टेंट वाले या अन्य जो भी इसमें शामिल होंगे, उन्हें भी 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को भी यही दंड मिल सकता है। पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर करें संपर्क इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने बाल विवाह उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया। लोगों से अपील की गई है कि वे बाल विवाह को जड़ से मिटाने और बच्चों को उनके अधिकार दिलाने में सहयोग करें। बाल विवाह होने की स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और जेआरसी हेल्पलाइन नंबर 18001027222 पर सूचित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में सर्वो प्रयास संस्थान की सचिव निर्मला कुमारी, केश वर्कर वीणा चौधरी, हरि कुमार सन्नी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


