बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। चर्चा के बीच जदयू कोटे से मंत्री मदन सहनी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन उन्हें इस निर्णय का कोई औचित्य समझ में नहीं आता। हमें भरोसा नहीं है कि यह निर्णय मुख्यमंत्री जी का हो सकता है। ऐसा फैसला वे खुद लेंगे, इस पर भी हमें संदेह है। सरकार बने अभी कुछ ही महीने हुए हैं और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार सुचारू रूप से कार्य कर रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का पद छोड़कर केंद्र की राजनीति में जाना क्यों जरूरी होगा, यह बड़ा सवाल है। इस तरह का फैसला जल्दबाजी में लिया जाना उचित नहीं होगा।
गंभीरता से विचार करना चाहिए डिप्टी सीएम के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। इस पर मदन सहनी ने कहा कि इसमें कोई असंभव बात नहीं है। जब जीतन राम मांझी जी मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो निशांत जी उपमुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते। यह कोई बड़ी बात नहीं है। मुख्यमंत्री का पद छोड़कर केंद्र में जाना कितना लाभकारी होगा, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। मदन सहनी ने आगे कहा कि हमलोग कई महीनों से इंतजार में हैं कि निशांत जी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं और जनता दल (यू) के एक नेता के रूप में जिम्मेदारी अपने कंधों पर लें। हम उनके साथ पहले भी थे और आगे भी सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि अंतिम निर्णय खुद मुख्यमंत्री ही लेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना पद छोड़कर राज्यसभा जा सकते हैं। चर्चा के बीच जदयू कोटे से मंत्री मदन सहनी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन उन्हें इस निर्णय का कोई औचित्य समझ में नहीं आता। हमें भरोसा नहीं है कि यह निर्णय मुख्यमंत्री जी का हो सकता है। ऐसा फैसला वे खुद लेंगे, इस पर भी हमें संदेह है। सरकार बने अभी कुछ ही महीने हुए हैं और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार सुचारू रूप से कार्य कर रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का पद छोड़कर केंद्र की राजनीति में जाना क्यों जरूरी होगा, यह बड़ा सवाल है। इस तरह का फैसला जल्दबाजी में लिया जाना उचित नहीं होगा।
गंभीरता से विचार करना चाहिए डिप्टी सीएम के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। इस पर मदन सहनी ने कहा कि इसमें कोई असंभव बात नहीं है। जब जीतन राम मांझी जी मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो निशांत जी उपमुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते। यह कोई बड़ी बात नहीं है। मुख्यमंत्री का पद छोड़कर केंद्र में जाना कितना लाभकारी होगा, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। मदन सहनी ने आगे कहा कि हमलोग कई महीनों से इंतजार में हैं कि निशांत जी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं और जनता दल (यू) के एक नेता के रूप में जिम्मेदारी अपने कंधों पर लें। हम उनके साथ पहले भी थे और आगे भी सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि अंतिम निर्णय खुद मुख्यमंत्री ही लेंगे।


