मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय श्रीराम कथा में शामिल:कुनकुरी में संत चिन्मयानंद बापूजी से लिया आशीर्वाद, कहा- प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय श्रीराम कथा में शामिल:कुनकुरी में संत चिन्मयानंद बापूजी से लिया आशीर्वाद, कहा- प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुरनगर के कुनकुरी में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। यह कथा परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से हो रही है। मुख्यमंत्री अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आयोजन स्थल सालियाटोली मिनी स्टेडियम ग्राउंड पहुंचे। कथा के पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी ने संत चिन्मयानंद बापूजी से आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्री राम के आदर्श जीवन और चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने लोगों को इसे अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ पर विराजमान संत चिन्मयानंद बापूजी को नमन करते हुए कहा कि कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सलियाटोली का स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा रिश्ता है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहां भगवान श्रीराम को भांजे के रूप में घर-घर में पूजा जाता है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को भक्ति का संगम बताया, जहां चारों तरफ ‘जय श्री राम’ की गूंज सुनाई दे रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा, जब भगवान श्रीराम को 14 साल का वनवास मिला, तो उन्होंने अपना ज्यादातर समय दंडकारण्य और छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया। यहां हर जगह राम की यादें और उनके नाम के निशान मौजूद हैं। वनवास के समय के कई स्थल जैसे सीता रसोई आज भी देखे जा सकते हैं। यही हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम उस समय नहीं, बल्कि आज के समय में जन्मे हैं, जब अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इस प्राण प्रतिष्ठा ने भारत को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया। इसे संभव बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मेहनत और संकल्प रहा। उनकी योजना के तहत अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान श्रीराम हर भारतीय के हृदय में बसे हैं। जांजगीर क्षेत्र में तो उनके प्रति भक्ति विशेष रूप से दिखाई देती है। यहां के रामनामी समुदाय के लोग अपने पूरे शरीर पर राम का नाम गोदना कराते हैं और अपनी आस्था का अद्भुत उदाहरण पेश करते हैं। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां भेजी गई थीं। यह छत्तीसगढ़ की प्रेम भावना और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रभु की स्थापना का प्रतीक है। साथ ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने अयोध्या में राम भक्तों के लिए स्वास्थ्य जांच और उपचार की सेवाएं दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इस दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष, अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। 02 अप्रैल से शुरू हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 08 अप्रैल तक लगातार चलती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के इलाके से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने आते हैं। कथा महोत्सव के दौरान पूरे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है। श्रद्धालु उत्साह, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ कथा सुनते हैं और श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

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