शहर की सडक़ें गुरुवार को जय शिवाजी, जय भवानीके नारों से गूंज उठी। अवसर था हिंदवी स्वराज के निर्माता संस्थापक वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का। इस अवसर पर टपाल चाल में स्थापित की जाने वाली शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा का भी चल समारोह निकाला गया।
शिवाजी रूप में शामिल बालक
छत्रपति शिवाजी, वीरांगना रूप में अश्वों पर सवार बालक-बालिकाएं चल समारोह में आकर्षण का केंद्र रहे। चल समारोह में पुरुष महाराष्ट्रीयन टोपी और महिलाएं परांपरागत नवसारी साड़ी में नजर आई। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर महाराष्ट्रीयन समाज और श्री छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिमा स्थापना समिति द्वारा शोभायात्रा निकाली गई। दोपहर 12 बजे इंदौर रोड स्थित बालाजी धाम से शुरू हुई शोभायात्रा इंदौर नाका, पड़ावा, शेर चौराहा, नगर निगम, बांबे बाजार, स्टेशन रोड होते हुए टपाल चाल पहुंची।
धर्मसभा का भी हुआ आयोजन
शोभा यात्रा में डीजे, बैंड, बाजे, ढोल भजन मंडली एवं घोड़े पर सवार शिवाजी एवं महारानी लक्ष्मीबाई के साथ संत गण एवं शहरवासी शामिल हुए। समापन पर टपालचाल में धर्म सभा एवं मंचीय कार्यक्रम के साथ शिवाजी महाराज की महा आरती का आयोजन हुआ। शोभायात्रा का जगह-जगह मंचों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम समापन पर भंडारे का आयोजन भी हुआ।
6 जून को होगा प्रतिमा का अनावरण
प्रतिमा स्थापना समिति के अनुसार अश्व पर सवार सवार शिवाजी महाराज की प्रतिमा की ऊंचाई 11 फीट 3 इंच है। प्रतिमा का वजन करीब 10 टन है जो ठोस पत्थर से बनी हुई है। प्रतिमा को आज पैडल स्टैंड पर रखा जाएगा। प्रतिमा के चारों ओर शिवाजी महाराज के किले का परकोटा बनाया जाएगा। प्रतिमा का अनावरण 6 जून को हिंदवी स्वराज की स्थापना और शिवाजी महाराज की वीरगति वाले दिन की जाएगी। प्रतिमा अनावरण के लिए उनके वंशज भी खंडवा आ सकते हैं। अनावरण के साथ ही यहां 100 फीट ऊंची धर्मध्वजा भी स्थापित होगी।
5 साल से चल रहे प्रयास को अब मिली सफलता
टपाल चाल में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना के प्रयास पिछले पांच साल से चल रहे थे। तत्कालीन विधायक देवेंद्र वर्मा और महापौर अमृता अमर यादव ने यहां भूमिपूजन भी किया था। स्थापना समिति अध्यक्ष मनोज सांवले और सुनील बावले ने बताया कि समाजजनों ने प्रतिमा लगाने के लिए पहल की थी और धनराशि एकत्रित कर इस बड़े अभियान को सफलता मिली। आयोजन में सांसद के भतीजे गजेंद्र पाटिल, मुकेश तनवे, मंगल यादव, अमर यादव, रितेश गोयल, डॉ. अनीस अरझरे, पूर्व विधायक देवेंद्र वर्मा, राम दांगोरे, धर्मेंद्र बजाज, सुधांशु जैन, सुनील जैन, मनीषा पाटिल, ज्योति वालंजकर, नागेश वालंजकर, रवि अव्हाड़, हरीश खाड़े, अनिल भगत, माणिक अव्हाड़ सहित बड़ी संख्या में सकल हिंदू समाज मौजूद रहा।


