मुसहरवा बाबा घाटी में दिखा चीता VIDEO:ग्रामीणों में दहशत, थाना प्रभारी ने रात में दोपहिया वाहन से यात्रा न करने की अपील की

मुसहरवा बाबा घाटी में दिखा चीता VIDEO:ग्रामीणों में दहशत, थाना प्रभारी ने रात में दोपहिया वाहन से यात्रा न करने की अपील की

भगवानपुर थाना क्षेत्र के मुसहरवा बाबा घाटी के पास रविवार शाम 7 से 8 बजे के बीच एक चीता देखा गया। राहगीरों ने संध्या गश्ती पर मौजूद थानाध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे झाड़ी में एक चीते को बैठा पाया। टॉर्च की रोशनी और लोगों की आहट पाकर चीता झाड़ियों में चला गया। घाटी में चीता मिलने की खबर थानाध्यक्ष ने वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन विभाग की फॉरेस्टर प्रतिभा भारती ने बताया कि उन्हें भी चीता देखे जाने की सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग द्वारा जंगल में कोई चीता या बाघ नहीं छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जंगल ही जानवरों का प्राकृतिक निवास स्थान होता है। कैमूर की तलहटी में बसे गांवों के लोगों में इस खबर से दहशत फैल गई है। थानाध्यक्ष ने घाटी की ओर मवेशी चराने जाने वाले चरवाहों और अंधेरे में दोपहिया वाहन से यात्रा करने वाले लोगों से सावधानी बरतने और अंधेरे में घाटी की तरफ जाने से बचने की अपील की है। यह सड़क अधौरा और उत्तर प्रदेश के रास्ते कैमूर जिला मुख्यालय तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। इस पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपने दोपहिया वाहनों से चौबीसों घंटे आते-जाते रहते हैं। घाटी में चीते की मौजूदगी से किसी भी राहगीर के साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के मुसहरवा बाबा घाटी के पास रविवार शाम 7 से 8 बजे के बीच एक चीता देखा गया। राहगीरों ने संध्या गश्ती पर मौजूद थानाध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे झाड़ी में एक चीते को बैठा पाया। टॉर्च की रोशनी और लोगों की आहट पाकर चीता झाड़ियों में चला गया। घाटी में चीता मिलने की खबर थानाध्यक्ष ने वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन विभाग की फॉरेस्टर प्रतिभा भारती ने बताया कि उन्हें भी चीता देखे जाने की सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग द्वारा जंगल में कोई चीता या बाघ नहीं छोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि जंगल ही जानवरों का प्राकृतिक निवास स्थान होता है। कैमूर की तलहटी में बसे गांवों के लोगों में इस खबर से दहशत फैल गई है। थानाध्यक्ष ने घाटी की ओर मवेशी चराने जाने वाले चरवाहों और अंधेरे में दोपहिया वाहन से यात्रा करने वाले लोगों से सावधानी बरतने और अंधेरे में घाटी की तरफ जाने से बचने की अपील की है। यह सड़क अधौरा और उत्तर प्रदेश के रास्ते कैमूर जिला मुख्यालय तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है। इस पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपने दोपहिया वाहनों से चौबीसों घंटे आते-जाते रहते हैं। घाटी में चीते की मौजूदगी से किसी भी राहगीर के साथ कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।  

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