गोपालगंज के सदर अस्पताल में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) की दो सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन किया। पटना से आई इस टीम ने अस्पताल की गुणवत्ता, सेवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का गहन आकलन किया। टीम के सदस्यों ने अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का दौरा किया और उनकी कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, दवाओं की उपलब्धता और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक उपकरणों की स्थिति की जांच की। जच्चा-बच्चा की देखभाल के मानकों का परीक्षण किया गया
गायिनोलॉजी वार्ड में प्रसव कक्ष और प्रसूति वार्ड में स्वच्छता, प्रोटोकॉल के पालन और जच्चा-बच्चा की देखभाल के मानकों का परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त, टीम ने जांच लैब और रेडियोलॉजी विभाग में गुणवत्ता, रिपोर्टिंग के समय और मशीनों के रखरखाव का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने केवल बुनियादी ढांचे का ही आकलन नहीं किया, बल्कि अस्पताल के रिकॉर्ड्स और कर्मचारियों के व्यवहार की भी समीक्षा की। मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संक्रमण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन प्रणालियों पर केंद्रित रहा। अस्पताल एनक्यूएएस के मानकों पर खरा उतरता है
यह टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी। यदि सदर अस्पताल एनक्यूएएस के मानकों पर खरा उतरता है, तो उसे राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण पत्र मिलेगा। इससे न केवल अस्पताल की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त फंड मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। अस्पताल प्रशासन इस निरीक्षण को लेकर काफी सक्रिय दिखा। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की जांच से कमियों को पहचानने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने का अवसर मिलता है। गोपालगंज के सदर अस्पताल में नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) की दो सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन किया। पटना से आई इस टीम ने अस्पताल की गुणवत्ता, सेवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का गहन आकलन किया। टीम के सदस्यों ने अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों का दौरा किया और उनकी कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं की तत्परता, दवाओं की उपलब्धता और गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक उपकरणों की स्थिति की जांच की। जच्चा-बच्चा की देखभाल के मानकों का परीक्षण किया गया
गायिनोलॉजी वार्ड में प्रसव कक्ष और प्रसूति वार्ड में स्वच्छता, प्रोटोकॉल के पालन और जच्चा-बच्चा की देखभाल के मानकों का परीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त, टीम ने जांच लैब और रेडियोलॉजी विभाग में गुणवत्ता, रिपोर्टिंग के समय और मशीनों के रखरखाव का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, टीम ने केवल बुनियादी ढांचे का ही आकलन नहीं किया, बल्कि अस्पताल के रिकॉर्ड्स और कर्मचारियों के व्यवहार की भी समीक्षा की। मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा संक्रमण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन प्रणालियों पर केंद्रित रहा। अस्पताल एनक्यूएएस के मानकों पर खरा उतरता है
यह टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग को सौंपेगी। यदि सदर अस्पताल एनक्यूएएस के मानकों पर खरा उतरता है, तो उसे राष्ट्रीय स्तर का प्रमाण पत्र मिलेगा। इससे न केवल अस्पताल की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में बेहतर सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त फंड मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। अस्पताल प्रशासन इस निरीक्षण को लेकर काफी सक्रिय दिखा। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की जांच से कमियों को पहचानने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने का अवसर मिलता है।


