नवादा में बिहार माध्यमिक वार्षिक परीक्षा मैट्रिक शुरू होने से ठीक पहले पुलिस ने एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। नगर थाना पुलिस ने पटेल नगर में छापेमारी कर नवीन कुमार (19 वर्ष) नामक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी के दौरान नवीन कुमार के चार-पांच साथी पुलिस को देखते ही फरार हो गए। नवीन कुमार शशिभूषण यादव का पुत्र है और मोरमा, रोह थाना का मूल निवासी है। वह विकास रंजन के मकान में किरायेदार था। पुलिस ने गेस पेपर सहित कई उपकरण किए बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने एक काला टैब (एयरटेल सिम के साथ), व्हाट्सएप चैट में अन्य अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की सॉफ्ट कॉपी, 165 पेज का सूक्ष्म प्रिंट गेस पेपर, सेफ्टीनेट जीएसएम स्पाई ब्लूटूथ बॉक्स (जियो सिम के साथ), ब्लूटूथ ईयरबड और बैटरी जब्त की। इन उपकरणों का उपयोग परीक्षा हॉल में चोरी-छिपे उत्तर सुनने और देने के लिए किया जाता था। पूछताछ में नवीन ने बताया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए पैसे लेकर ‘बेहतर अंक की गारंटी’ देते थे। 3 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद इस मामले में तीन अन्य अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद हुए हैं। नवादा के डीएम रवि प्रकाश को व्हाट्सएप के माध्यम से इस गिरोह की जानकारी मिली थी, जिसमें गिरफ्तार युवक ने ‘बेहतर अंक’ या ‘परीक्षा में बैठने’ के लिए संपर्क करने का विज्ञापन दिया था। डीएम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एसपी अभिनव धीमान से चर्चा की।
डीएम और एसपी के निर्देश पर डीएसपी हुलास कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह भी शामिल थे। इस टीम ने छापेमारी कर नवीन को गिरफ्तार किया। पुलिस अब फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और नवीन से गहन पूछताछ जारी है। यह कार्रवाई 17 से 25 फरवरी तक चलने वाली मैट्रिक परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नवादा में बिहार माध्यमिक वार्षिक परीक्षा मैट्रिक शुरू होने से ठीक पहले पुलिस ने एक बड़े नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। नगर थाना पुलिस ने पटेल नगर में छापेमारी कर नवीन कुमार (19 वर्ष) नामक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी के दौरान नवीन कुमार के चार-पांच साथी पुलिस को देखते ही फरार हो गए। नवीन कुमार शशिभूषण यादव का पुत्र है और मोरमा, रोह थाना का मूल निवासी है। वह विकास रंजन के मकान में किरायेदार था। पुलिस ने गेस पेपर सहित कई उपकरण किए बरामद तलाशी के दौरान पुलिस ने एक काला टैब (एयरटेल सिम के साथ), व्हाट्सएप चैट में अन्य अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की सॉफ्ट कॉपी, 165 पेज का सूक्ष्म प्रिंट गेस पेपर, सेफ्टीनेट जीएसएम स्पाई ब्लूटूथ बॉक्स (जियो सिम के साथ), ब्लूटूथ ईयरबड और बैटरी जब्त की। इन उपकरणों का उपयोग परीक्षा हॉल में चोरी-छिपे उत्तर सुनने और देने के लिए किया जाता था। पूछताछ में नवीन ने बताया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए पैसे लेकर ‘बेहतर अंक की गारंटी’ देते थे। 3 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड बरामद इस मामले में तीन अन्य अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद हुए हैं। नवादा के डीएम रवि प्रकाश को व्हाट्सएप के माध्यम से इस गिरोह की जानकारी मिली थी, जिसमें गिरफ्तार युवक ने ‘बेहतर अंक’ या ‘परीक्षा में बैठने’ के लिए संपर्क करने का विज्ञापन दिया था। डीएम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एसपी अभिनव धीमान से चर्चा की।
डीएम और एसपी के निर्देश पर डीएसपी हुलास कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह भी शामिल थे। इस टीम ने छापेमारी कर नवीन को गिरफ्तार किया। पुलिस अब फरार हुए अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और नवीन से गहन पूछताछ जारी है। यह कार्रवाई 17 से 25 फरवरी तक चलने वाली मैट्रिक परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


