गाजियाबाद के साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 16 एटीएम कार्ड, 11 सिम कार्ड, एक कार और 74 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को विजयनगर थाना क्षेत्र से पकड़ा गया है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील मिश्रा, पवन कुमार यादव, राहुल कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार सिंह और दीपक कुमार के रूप में हुई है। ये सभी पहले एक लाइफ इंश्योरेंस कॉल सेंटर में काम करते थे, जहां से इन्हें बीमा पॉलिसी धारकों का गोपनीय डेटा मिल गया था। आरोपी खुद को बीमा कंपनियों का अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। वे पॉलिसी में रिफंड, अधिक लाभ या टैक्स एडजस्टमेंट का झांसा देकर पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। रकम मिलने के बाद वे आरबीआई, बीमा लोकपाल और आयकर विभाग के नाम से फर्जी दस्तावेज और रसीदें भेजकर लोगों का भरोसा बनाए रखते थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का सदस्य जितेंद्र कुमार मोबाइल में Canva ऐप की मदद से फर्जी पॉलिसी और रसीदें तैयार करता था। वहीं दीपक और उसके साथी एटीएम कार्ड के जरिए ठगी की रकम निकालकर आपस में बांट लेते थे। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। महाराष्ट्र के विजय शिवाजी नामक व्यक्ति से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। आरोपियों ने आपस में जानकारी साझा करने के लिए “चक दे इंडिया” नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था। पुलिस को उनके मोबाइल फोन से कई फर्जी दस्तावेज और चैट भी मिली हैं, जो ठगी के सबूत हैं। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है। बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और सिम कार्ड के आधार पर ठगी की अन्य घटनाओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।


