जयपुर में गवर्नमेंट जॉब के नाम पर एक परिवार से 22 लाख रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। दो भाइयों को गवर्नमेंट जॉब लगाने का झांसा देकर परिचित युवक ने धोखा दिया। 80 हजार रुपए मंथली सैलेरी बताकर RAS का अटेण्डर की जॉब लगवाने का झांसा दिया। जामडोली थाने में आरोपी परिचित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया गया है। हेड कॉन्स्टेबल लालाराम ने बताया- आगरा रोड के जामडोली निवासी सुनील कुमार ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनके गांव दौसा के रहने वाले परिचित लल्लूराम ने धोखाधड़ी कर रुपए ऐंठे है। आरोप है कि मार्च-2023 में परिचित लल्लूराम उनके घर मिलने आया था। मम्मी-पापा से बातचीत के दौरान नगर निगम में बैकेंसी निकलना बताकर उसके दोनों भाईयों जॉब लगाने की कहा। बताया कि अधिकारियों से अच्छी जान-पहचान है। एक पोस्ट तो RAS के अटेण्डर की है। जिसकी मंथली सैलेरी 80 हजार रुपए है। एक भाई को RAS का अटेण्डर और दूसरे को नगर निगम इंस्पेक्टर लगाने का झांसा दिया। बातों में आने पर जॉब लगाने के एवज में 15 लाख रुपए की डिमांड की। गवर्नमेंट जॉब को देखकर पीड़ित परिवार की ओर से 15 लाख रुपए आरोपी लल्लूराम को दे दिए। अगस्त-2023 में अलवर में 5 दिन की ट्रेनिंग करवाने के लिए भेजकर आरोपी परिचित ने रहने-खाने का खर्च 5 हजार रुपए भी लिया। लम्बा समय बीतने के बाद भी जॉब लगाने को लेकर टालमटोल करता रहा। बोलता- चिंता मत करो। जल्दी ही नौकरी लगवा दूंगा, मेरी जिम्मेदारी है। जॉब लगाने का दबाव बनाने पर कहा- मेरे मिलने वाले अधिकारी का ट्रांसफर हो गया है। 7 लाख रुपए ओर देने पड़ेगे। बातों में आकर 7 लाख रुपए ओर दे दिए। जिसके बाद भी बार-बार टालमटोल को लेकर रुपए वापस लौटाने की कहा। जॉब नहीं लगवाने और नहीं ही रुपए लौटाने पर पीड़ित परिवार को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। जामडोली थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया।


