किशनगंज में फर्जी नौकरी के नाम पर ठगी:18 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई, 18 हजार से अधिक ठगे

किशनगंज जिले में फर्जी नौकरी का झांसा देकर एक 18 वर्षीय युवती से 18 हजार रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। अररिया निवासी पीड़िता राहिला ने किशनगंज सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जॉब ट्रेनिंग और सीट बुकिंग के नाम पर ठगी पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी काम के फॉर्म भरने, जॉब ट्रेनिंग और सीट बुकिंग के नाम पर यह राशि ठगी। बाद में उन्होंने युवती के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने की कोशिश भी की। यह घटना करीब पांच महीने पहले शुरू हुई जब पीड़िता अपनी छोटी बहन के इलाज के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज किशनगंज आई थी और वहां उसकी मुलाकात संगीता और कविता नामक दो लड़कियों से हुई। इलाज के बाद घर लौटने पर संगीता ने फोन कर पीड़िता से उसकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा और सरकारी फॉर्म भरने की पेशकश की। युवती के सहमत होने पर उससे दस्तावेज मंगवाए गए और ‘ऑफिस सर’ के नाम पर 200 रुपये भेजने को कहा गया, जो पीड़िता ने भेज दिए। दो हफ्ते बाद संगीता ने उसे किशनगंज बुलाया। एक महीने बाद काम शुरू करने के नाम पर मांगे रुपये दाही पट्टी स्थित ‘स्मार्ट वैल्यू’ ऑफिस में तरन्नुम उर्फ कहकशां, शिव कुमार और संगीता मौजूद थे। उन्होंने सीट बुकिंग के लिए 2000 रुपये मांगे, जिसमें से पीड़िता ने 1000 रुपये नकद और 1000 रुपये ऑनलाइन दिए। एक महीने बाद, उससे काम शुरू करने के नाम पर 14,999 रुपये और वसूले गए। युवती को 1 जनवरी से काम पर आने को कहा गया, लेकिन वह 12 जनवरी से ऑफिस पहुंची। पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि ऑफिस में तरन्नुम और संगीता अन्य लोगों से नंबर लेकर उन्हें बहला-फुसलाकर पैसे मंगवाती थीं। जब पीड़िता ने काम करने से मना किया, तो शिव कुमार ने उससे अभद्र बातें कीं और कथित तौर पर जबरदस्ती करने की कोशिश की। 17 को मां के साथ ऑफिस गई, लेकिन पैसे वापस नहीं किए एक दिन जब पीड़िता अपनी दोस्त प्रियंका को साथ लेकर ऑफिस गई, तो प्रियंका को वहां से भगा दिया गया। 12 फरवरी को एक महीना पूरा होने पर जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे इनकार कर दिया गया और उसे घर जाने भी नहीं दिया जा रहा था। 14 फरवरी को पेट दर्द का बहाना बनाकर वह किसी तरह घर लौटी। 17 फरवरी को वह अपनी मां के साथ दोबारा ऑफिस गई, लेकिन पैसे वापस नहीं किए गए। इस संबंध में सदर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फिलहाल जांच जारी है। किशनगंज जिले में फर्जी नौकरी का झांसा देकर एक 18 वर्षीय युवती से 18 हजार रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। अररिया निवासी पीड़िता राहिला ने किशनगंज सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जॉब ट्रेनिंग और सीट बुकिंग के नाम पर ठगी पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी काम के फॉर्म भरने, जॉब ट्रेनिंग और सीट बुकिंग के नाम पर यह राशि ठगी। बाद में उन्होंने युवती के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने की कोशिश भी की। यह घटना करीब पांच महीने पहले शुरू हुई जब पीड़िता अपनी छोटी बहन के इलाज के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज किशनगंज आई थी और वहां उसकी मुलाकात संगीता और कविता नामक दो लड़कियों से हुई। इलाज के बाद घर लौटने पर संगीता ने फोन कर पीड़िता से उसकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा और सरकारी फॉर्म भरने की पेशकश की। युवती के सहमत होने पर उससे दस्तावेज मंगवाए गए और ‘ऑफिस सर’ के नाम पर 200 रुपये भेजने को कहा गया, जो पीड़िता ने भेज दिए। दो हफ्ते बाद संगीता ने उसे किशनगंज बुलाया। एक महीने बाद काम शुरू करने के नाम पर मांगे रुपये दाही पट्टी स्थित ‘स्मार्ट वैल्यू’ ऑफिस में तरन्नुम उर्फ कहकशां, शिव कुमार और संगीता मौजूद थे। उन्होंने सीट बुकिंग के लिए 2000 रुपये मांगे, जिसमें से पीड़िता ने 1000 रुपये नकद और 1000 रुपये ऑनलाइन दिए। एक महीने बाद, उससे काम शुरू करने के नाम पर 14,999 रुपये और वसूले गए। युवती को 1 जनवरी से काम पर आने को कहा गया, लेकिन वह 12 जनवरी से ऑफिस पहुंची। पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि ऑफिस में तरन्नुम और संगीता अन्य लोगों से नंबर लेकर उन्हें बहला-फुसलाकर पैसे मंगवाती थीं। जब पीड़िता ने काम करने से मना किया, तो शिव कुमार ने उससे अभद्र बातें कीं और कथित तौर पर जबरदस्ती करने की कोशिश की। 17 को मां के साथ ऑफिस गई, लेकिन पैसे वापस नहीं किए एक दिन जब पीड़िता अपनी दोस्त प्रियंका को साथ लेकर ऑफिस गई, तो प्रियंका को वहां से भगा दिया गया। 12 फरवरी को एक महीना पूरा होने पर जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे इनकार कर दिया गया और उसे घर जाने भी नहीं दिया जा रहा था। 14 फरवरी को पेट दर्द का बहाना बनाकर वह किसी तरह घर लौटी। 17 फरवरी को वह अपनी मां के साथ दोबारा ऑफिस गई, लेकिन पैसे वापस नहीं किए गए। इस संबंध में सदर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फिलहाल जांच जारी है।  

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