चतरा जवाहर नवोदय विद्यालय में घुसा जंगली हाथी:चहारदीवारी तोड़ कैंपस में घुसा, फुटबॉल पोस्ट तोड़ा, दो घंटे डरे-सहमे रहे स्टूडेंट्स

चतरा जवाहर नवोदय विद्यालय में घुसा जंगली हाथी:चहारदीवारी तोड़ कैंपस में घुसा, फुटबॉल पोस्ट तोड़ा, दो घंटे डरे-सहमे रहे स्टूडेंट्स

झारखंड के चतरा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जिला मुख्यालय स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का है, जहां देर शाम एक जंगली हाथी अचानक घने जंगलों से निकलकर स्कूल परिसर में घुस आया। हाथी ने स्कूल की चारदीवारी को तोड़ते हुए भीतर प्रवेश किया। हाथी के आने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। चिंघाड़ने की तेज आवाज सुनते ही छात्रावास में रह रहे छात्र और शिक्षक अपनी जान बचाने के लिए कमरों में दुबक गए। खेल मैदान को बना निशाना, लाखों की सामग्री नष्ट हाथी ने सबसे ज्यादा नुकसान स्कूल के खेल मैदान में पहुंचाया। मैदान में लगे फुटबॉल के गोल पोस्ट को उसने उखाड़ फेंका और अभ्यास के लिए लगाए गए नेट को पूरी तरह कुचल दिया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह नुकसान लाखों रुपए का है। स्टूडेंट्स और शिक्षकों ने बताया कि हाथी पहले मैदान में इधर-उधर दौड़ा और फिर गोल पोस्ट को धक्का देकर गिरा दिया। बच्चों के नियमित अभ्यास के लिए तैयार किया गया मैदान कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई छात्र मैदान में मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। दो घंटे दहशत में रहा स्कूल कैंपस घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और वनकर्मियों ने मशालों और पटाखों का सहारा लिया। करीब दो घंटे तक चले अभियान के बाद हाथी को सुरक्षित रूप से रिहायशी इलाके से बाहर निकालकर जंगल की ओर खदेड़ा गया। वन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और रात के समय विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है। हालांकि हाथी जंगल की ओर लौट चुका है, लेकिन वन विभाग की टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है, ताकि वह दोबारा स्कूल या रिहायशी क्षेत्र की ओर न आए। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कैंपस के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। झारखंड के चतरा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जिला मुख्यालय स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का है, जहां देर शाम एक जंगली हाथी अचानक घने जंगलों से निकलकर स्कूल परिसर में घुस आया। हाथी ने स्कूल की चारदीवारी को तोड़ते हुए भीतर प्रवेश किया। हाथी के आने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। चिंघाड़ने की तेज आवाज सुनते ही छात्रावास में रह रहे छात्र और शिक्षक अपनी जान बचाने के लिए कमरों में दुबक गए। खेल मैदान को बना निशाना, लाखों की सामग्री नष्ट हाथी ने सबसे ज्यादा नुकसान स्कूल के खेल मैदान में पहुंचाया। मैदान में लगे फुटबॉल के गोल पोस्ट को उसने उखाड़ फेंका और अभ्यास के लिए लगाए गए नेट को पूरी तरह कुचल दिया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह नुकसान लाखों रुपए का है। स्टूडेंट्स और शिक्षकों ने बताया कि हाथी पहले मैदान में इधर-उधर दौड़ा और फिर गोल पोस्ट को धक्का देकर गिरा दिया। बच्चों के नियमित अभ्यास के लिए तैयार किया गया मैदान कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई छात्र मैदान में मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। दो घंटे दहशत में रहा स्कूल कैंपस घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस और वनकर्मियों ने मशालों और पटाखों का सहारा लिया। करीब दो घंटे तक चले अभियान के बाद हाथी को सुरक्षित रूप से रिहायशी इलाके से बाहर निकालकर जंगल की ओर खदेड़ा गया। वन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और रात के समय विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है। हालांकि हाथी जंगल की ओर लौट चुका है, लेकिन वन विभाग की टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही है, ताकि वह दोबारा स्कूल या रिहायशी क्षेत्र की ओर न आए। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए कैंपस के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।  

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