Charak: अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का ताना-बाना, अघोरी बाबाओं से जुड़ी कहानी, ‘चरक’ का ट्रेलर रिलीज

Charak: अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र का ताना-बाना, अघोरी बाबाओं से जुड़ी कहानी, ‘चरक’ का ट्रेलर रिलीज

Charak Trailer Release: ग्रामीण इलाकों में महोत्सव या मेला के नाम पर फैले अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र पर सवाल उठाती सुदिप्तो सेन की आगामी फिल्म ‘चरक’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है।

‘द केरल स्टोरी’ फेम निर्देशक सुदीप्तो सेन के प्रोडक्शन और शिलादित्य मौलिक के निर्देशन की आने वाली फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। ट्रेलर ने भारत के ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास, रूढ़िवादिता और तंत्र-मंत्र से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं। जानते कैसा है ‘चरक’ का ट्रेलर और क्या है इसमें खास?

ट्रेलर में क्या है? (Charak Trailer Release)

ट्रेलर की शुरुआत में दिखाया गया है कि गांव से बच्चे गायब हो रहे हैं। इसके बाद उनके माता-पिता पुलिस के पास इसकी शिकायत दर्ज करवाने पहुंचते हैं। धीरे-धीरे आगे दिखाई देता है कि अघोरी बाबा, साथ ही कुछ लोग तंत्र-मंत्र से जुड़े होते हैं। आगे दिखाया गया है कि चरक मेले में लोग अंधविश्वास से जुड़े होते हैं तांत्रिक क्रिया करते हैं। लेकिन इस बीच सवाल यही खड़ा होता है कि बच्चे कहां गायब हो रहे हैं और वो कैस मिलेंगे।

क्या होता है चरक फेस्टिवल? (Charak Trailer Release)

चरक फेस्टिवल पूर्वी भारत जैसे बंगाल के कुछ क्षेत्रों में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक त्योहार है। यह मुख्य रूप से भगवान शिव की भक्ति से जुड़ा हुआ है। इस पर्व के दौरान कुछ भक्त कठिन तपस्या और शारीरिक सहनशीलता से जुड़े अनुष्ठान करते हैं, जैसे शरीर में हुक लगाकर झूलना या उपवास रखना। इन प्रथाओं को कुछ लोग गहरी आस्था का प्रतीक मानते हैं, जबकि अन्य लोग इन्हें स्वास्थ्य और सुरक्षा के नजरिये से खतरनाक समझते हैं।

रियल लोकेशन्स पर शूट हुई है फिल्म

एक इंटरव्यू में प्रोड्यूसर सुदीप्तो सेन ने बताया कि फिल्म की शूटिंग उन लोकेशन्स पर हुई है जहां सच में चरक मनाया जाता है। इससे फिल्म में एक नेचुरल एलिमेंट जुड़ गया। उन्होंने बताया कि ये फिल्म हमारे देश की परंपरा और सोच को दिखाती है। इसका मकसद ऐसी कहानी दिखाना है जो लोगों के दिल को छुए और इंसानियत का संदेश दे।

आस्था और तंत्र-मंत्र की कहानी

ये फिल्म एक फोकलोर थ्रिलर है, जो आस्था और अंधविश्वास के बीच की पतली रेखा को दिखाती है। कहानी एक समुदाय के इर्द-गिर्द घूमती है, जो चरक मेले को अपनी अधूरी मनोकामनाओं को पूरा करने की आखिरी उम्मीद मानता है। जैसे-जैसे मेले के अनुष्ठान तेज और खतरनाक होते जाते हैं, फिल्म सवाल उठाती है कि भक्ति कब अंधभक्ति बन जाती है। इसमें तंत्र-मंत्र, रहस्यमय रस्में और सामाजिक सोच के टकराव को दिखाया गया है।फिल्म का उद्देश्य मनोरंज न के साथ-साथ सोचने पर मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

कब होगी रिलीज?

भक्ति और अंधविश्वास के बीच के फर्क को बताती ये फिल्म 6 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। शीलादित्य मौलिक द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अंजली पाटिल, साहिदुर रहमान, सुब्रत दत्ता, शशि भूषण, नलनीश नील, शंखदीप और शौनक श्यामल सहित कई जाने-माने कलाकार शामिल हैं।

सीबीएफसी ने एक बार की स्क्रीनिंग के बाद एक बार और हाई प्रोफाइल स्क्रीनिंग की। इसके बाद चरक को सेंसर बोर्ड द्वारा हरी झंडी मिली।

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