सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र के मुरली बसंतपुर गांव में आपसी विवाद के चलते एक युवक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने के एक चौकीदार सहित कई पड़ोसियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल युवक की पहचान 26 वर्षीय संतोष पासवान के रूप में हुई है। मंगलवार को संतोष पासवान ने सहरसा सदर अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में थानाध्यक्ष गुंजन कुमार के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। पीड़ित ने बताया कि यह घटना बीते रविवार रात करीब 8 बजे हुई, जब वह अपने घर के दरवाजे पर खाना खाने के बाद मोबाइल देख रहा था। विवाद आंधी में गिरे टांट को लेकर है
संतोष के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले हरेराम पासवान, विकास पासवान, पप्पू पासवान, भावेश पासवान, हरिश्चंद्र पासवान, बिंदेश्वरी पासवान और रोहित पासवान सहित अन्य लोग हथियारों जैसे दबिया, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा और देसी कट्टा के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित ने बताया कि विवाद की जड़ 20 मार्च को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान गिरे एक टांट (बांस-बल्ले का ढांचा) को लेकर है। संतोष ने 22 मार्च को उसे उठाकर पुनः खड़ा कर दिया था, इसी बात को लेकर आरोपियों ने हमला कर दिया। संतोष की एक आंख में गंभीर चोट लगी
संतोष ने बताया कि आरोपियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी को भी नहीं बख्शा। इस दौरान संतोष की एक आंख में गंभीर चोट लगी और सिर फट जाने से कई टांके लगाने पड़े। संतोष ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसकी बेटी को जबरन घर से खींचकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ और भी अधिक मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस संबंध में सहरसा सदर अस्पताल के प्रभारी थानाध्यक्ष गुंजन कुमार ने बताया कि पीड़ित का आवेदन संबंधित बनगांव थाना को अग्रसारित कर दिया गया है। मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र के मुरली बसंतपुर गांव में आपसी विवाद के चलते एक युवक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने के एक चौकीदार सहित कई पड़ोसियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल युवक की पहचान 26 वर्षीय संतोष पासवान के रूप में हुई है। मंगलवार को संतोष पासवान ने सहरसा सदर अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में थानाध्यक्ष गुंजन कुमार के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। पीड़ित ने बताया कि यह घटना बीते रविवार रात करीब 8 बजे हुई, जब वह अपने घर के दरवाजे पर खाना खाने के बाद मोबाइल देख रहा था। विवाद आंधी में गिरे टांट को लेकर है
संतोष के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले हरेराम पासवान, विकास पासवान, पप्पू पासवान, भावेश पासवान, हरिश्चंद्र पासवान, बिंदेश्वरी पासवान और रोहित पासवान सहित अन्य लोग हथियारों जैसे दबिया, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा और देसी कट्टा के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित ने बताया कि विवाद की जड़ 20 मार्च को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान गिरे एक टांट (बांस-बल्ले का ढांचा) को लेकर है। संतोष ने 22 मार्च को उसे उठाकर पुनः खड़ा कर दिया था, इसी बात को लेकर आरोपियों ने हमला कर दिया। संतोष की एक आंख में गंभीर चोट लगी
संतोष ने बताया कि आरोपियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी को भी नहीं बख्शा। इस दौरान संतोष की एक आंख में गंभीर चोट लगी और सिर फट जाने से कई टांके लगाने पड़े। संतोष ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसकी बेटी को जबरन घर से खींचकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ और भी अधिक मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस संबंध में सहरसा सदर अस्पताल के प्रभारी थानाध्यक्ष गुंजन कुमार ने बताया कि पीड़ित का आवेदन संबंधित बनगांव थाना को अग्रसारित कर दिया गया है। मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


