चंद्रशेखर तड़प तड़पकर जिंदगी जिए…वो सब हो इसके साथ जो…रोहिणी का सांसद पर हमला

चंद्रशेखर तड़प तड़पकर जिंदगी जिए…वो सब हो इसके साथ जो…रोहिणी का सांसद पर हमला

उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर और उनकी कथित एक्स-गर्लफ्रेंड डॉ. रोहिणी घावरी के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर नया पोस्ट कर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने लिखा- जिस दिन इसको इसके कर्मों का फल मिलेगा मेरे दिल को शांति तब ही मिलेगी !! वो सब हो इसके साथ जो इसने मेरे साथ किया !! तड़प तड़प के ज़िंदगी जिए इसका पूरा खानदान बर्बाद हो !

रोहिणी इससे पहले भी इंस्टाग्राम और X पर चंद्रशेखर पर हमलावर रही हैं। मेरठ हत्याकांड को लेकर उन्होंने लिखा था कि विभिन्न राजनीतिक दल पीड़िता के परिवार के साथ खड़े हुए, लेकिन चंद्रशेखर सिर्फ दिखावे की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि नौटंकीबाज, रील्स बनाकर आ गया… अब समाज में एक्सपोज हो चुका है। हाथरस मामले का भी उन्होंने जिक्र किया था और सवाल उठाया कि जब हाथरस की बेटी को न्याय नहीं दिला सके, तो रूबी को क्या दिलाएंगे?

इससे पहले दी थी सुसाइड की धमकी

करीब 4 महीने पहले पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने X पर सुसाइड की धमकी दी थी। रोहिणी ने 4 घंटे के अंदर तीन पोस्ट किए थे। एक पोस्ट में रोहिणी ने चंद्रशेखर, उनकी पत्नी और बच्चे की तस्वीर पोस्ट की थी। जिसमें लिखा- मेरा जीवन बर्बाद कर के खुशियां मना रहा है। आज ही तेरे नाम पर जहर खाऊंगी। तूने मुझे खत्म कर दिया।

रोहिणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीएमओ को टैग करते हुए लिखा था- मेरी लाश भी भारत वापस मत लाना। किसी ने नहीं सुनी मेरी। सब अपराधी का साथ देते रहे। तुम सब को मेरा अंतिम अलविदा।

घावरी-चंद्रशेखर विवाद

डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाली सफाईकर्मी की बेटी हैं। वह 2019 में हायर एजुकेशन के लिए स्विट्जरलैंड गई थीं। पढ़ाई के दौरान ही वह और चंद्रशेखर एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। 3 साल तक रिलेशनशिप में रहे। बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

तभी से घावरी चंद्रशेखर पर सोशल मीडिया के जरिए बराबर निशाना साध रही हैं। घावरी ने बीते दिनों X पर लिखा था- कांशीराम साहब का वारिस बनना है और बसपा को खूब गालियां देना, बहनजी का अपमान करना, यही इस आदमी की फितरत है। बात करता है, बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने की।

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