जामताड़ा में श्रीमद् भागवत कथा सह चंडी यज्ञ शुरू:दुर्गा मंदिर से सिलधवा नदी तक गूंजे जयकारे, 551 कन्याओं ने निकाली कलश यात्रा

जामताड़ा में श्रीमद् भागवत कथा सह चंडी यज्ञ शुरू:दुर्गा मंदिर से सिलधवा नदी तक गूंजे जयकारे, 551 कन्याओं ने निकाली कलश यात्रा

जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत बुधुडीह पंचायत में बुधवार को श्री श्री 1008 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह सह चंडी यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत विशाल कलश यात्रा से हुई, जिसमें 551 कन्याओं ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। बुधुडीह दुर्गा मंदिर प्रांगण से निकली यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए सिलधवा नदी पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कन्याओं ने कलश में पवित्र जल भरा। इसके बाद लगभग 11 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए श्रद्धालु यज्ञशाला पहुंचे। पूरे रास्ते डीजे की धुन और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। पंडित बोले- यज्ञ से समाज में आती है सुख-समृद्धि कार्यक्रम में गिरिडीह से पधारे पंडित अंकित कुमार मिश्रा एवं अन्य आचार्यों के सान्निध्य में मुख्य यजमानों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा में करीब 5000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। पंडित मिश्रा ने कहा कि यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से वातावरण शुद्ध होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन हवन-पूजन के साथ शाम 7 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु धर्म और अध्यात्म का संदेश ग्रहण करेंगे। 25 फरवरी को पूर्णाहुति, महाप्रसाद वितरण होगा आयोजन समिति के सदस्य नारायण यादव ने बताया कि सात दिवसीय इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता 551 कन्याओं की भागीदारी है। यज्ञ का समापन 25 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। मुख्य यजमानों में भारत महतो, निर्मल दास, प्रकाश मंडल, मोहन मंडल, कमलेश पोद्दार, नंदकिशोर यादव और सुरेश पाठक उपस्थित रहे। पूरे बुधुडीह और आसपास के गांवों में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है। जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत बुधुडीह पंचायत में बुधवार को श्री श्री 1008 श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह सह चंडी यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत विशाल कलश यात्रा से हुई, जिसमें 551 कन्याओं ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। बुधुडीह दुर्गा मंदिर प्रांगण से निकली यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए सिलधवा नदी पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कन्याओं ने कलश में पवित्र जल भरा। इसके बाद लगभग 11 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए श्रद्धालु यज्ञशाला पहुंचे। पूरे रास्ते डीजे की धुन और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। पंडित बोले- यज्ञ से समाज में आती है सुख-समृद्धि कार्यक्रम में गिरिडीह से पधारे पंडित अंकित कुमार मिश्रा एवं अन्य आचार्यों के सान्निध्य में मुख्य यजमानों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा में करीब 5000 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। पंडित मिश्रा ने कहा कि यज्ञ और श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से वातावरण शुद्ध होता है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन हवन-पूजन के साथ शाम 7 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु धर्म और अध्यात्म का संदेश ग्रहण करेंगे। 25 फरवरी को पूर्णाहुति, महाप्रसाद वितरण होगा आयोजन समिति के सदस्य नारायण यादव ने बताया कि सात दिवसीय इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता 551 कन्याओं की भागीदारी है। यज्ञ का समापन 25 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। मुख्य यजमानों में भारत महतो, निर्मल दास, प्रकाश मंडल, मोहन मंडल, कमलेश पोद्दार, नंदकिशोर यादव और सुरेश पाठक उपस्थित रहे। पूरे बुधुडीह और आसपास के गांवों में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है।  

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