अजमेर में 2 KM लम्बा होगा चामुंडा माता मंदिर रोप-वे:पर्यटन विभाग को बनाया नोडल एजेंसी, पीपीपी मोड पर होगा संचालित

अजमेर में 2 KM लम्बा होगा चामुंडा माता मंदिर रोप-वे:पर्यटन विभाग को बनाया नोडल एजेंसी, पीपीपी मोड पर होगा संचालित

अजमेर में चामुंडा माता मंदिर तक रोपवे निर्माण के प्रस्तावित कार्य को लेकर कलेक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। पर्यटन विभाग को नोडल एजेंसी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोपवे निर्माण के लिए गठित कमेटी द्वारा प्रस्तुत फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर फॉयसागर से चामुंडा माता मंदिर तक लगभग 2 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक कृष्ण कुमार ने बताया कि विभागीय मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार इस परियोजना को पीपीपी मोड पर विकसित किया जाएगा। कलेक्टर ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोपवे परियोजना के क्रियान्वयन के लिए शीघ्र ही ईओआई जारी करे । इसमें इच्छुक एवं पात्र निर्माण एजेंसियों को आमंत्रित कर प्रक्रिया के माध्यम से योग्य निवेशकों का चयन सुनिश्चित किया जाए । कलेक्टर ने निजी निवेशकों को आमंत्रित करने तथा परियोजना की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निजी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाने के लिए कहा। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेंद्र कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी गरिमा नरूला,अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। हाथ में ज्योत और तलवार के साथ होती आरती मां चामुंडा का ऐतिहासिक मंदिर बोराज गांव में अरावली की पहाड़ियों पर 1300 फीट ऊपर बना हुआ है। 11वीं शताब्दी में राजा पृथ्वीराज चौहान के सेनापति ने मंदिर की स्थापना की थी। इस मंदिर की देखभाल बोराज गांव के लोग मिलकर करते है। मंदिर परिसर में मां चामुंडा के साथ गंगा मां, श्री भोलेनाथ, भोलेनाथ भगवान का पूरा परिवार, बालाजी महाराज और भैरूजी महाराज का मंदिर भी है। मान्यता है कि मां चामुंडा चौहान वंश की आराध्य देवी हैं। हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान हर दिन मां के दर्शन के लिए आते थे। नवरात्रि में 9 दिन तक मां की विशेष आराधना की जाती है। सुबह 5, 9 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम को सूर्यास्त पर चार टाइम आरती होती है। हाथ में ज्योत लेकर चारों तरफ तलवार और ढोल बाजों के साथ आरती की जाती है।
कुंड में पानी कहां से आता, आज तक पता नहीं मंदिर में एक धार्मिक कुंड भी आस्था का केंद्र है। बताया जाता हैँ कि यहां मां चामुंडा गंगा मां के साथ विराजमान हुई थीं। यह ढाई फीट गहरा और ढाई फीट चौड़ा कुंड है। गर्मी और ठंड के हिसाब से पानी का टेंपरेचर अपने आप बदलता रहता है। इसके पानी से नवरात्र सहित हर दिन मंदिर परिसर की धुलाई की जाती है। कुंड के पानी से कई तरह के रोग भी दूर होते हैं। मां का श्रृंगार भी इसी पानी से किया जाता है। कुंड में पानी कहां से आता है। यह आज तक पता नहीं चल पाया है। गांव में माता की ज्योत की परिक्रमा तेरस पर माता की ज्योत गांव में ढोल-बाजे के साथ घुमाई जाती है। ज्योत के साथ पूरे गांव में परिक्रमा की जाती है। इस दौरान गांव में सुख-शांति की दुआ की जाती है। मां चामुंडा अपने भक्तों की कामना को पूरी करती है। भक्त अपना घर बनाने की कामना को लेकर पहाड़ी पर पत्थर से मकान बनाकर जाते हैं। दावा किया जाता है कि कई भक्तों की घर बनने की कामना को मां ने पूरा किया है। ……. पढें ये खबर भी… अजमेर डिस्कॉम ने 100% से ज्यादा वसूला रेवेन्यू:झुंझुनूं अव्वल और ब्यावर फिसड्‌डी; 14 में से 2 सर्कल हासिल नहीं कर पाए टारगेट अजमेर डिस्कॉम ने बीते वित्तीय सत्र में राजस्व वसूली में 100 प्रतिशत से ज्यादा वसूली की है। डिस्कॉम ने कुल 22,45,363.26 लाख के टारगेट के मुकाबले 22,47,686.67 लाख की वसूली की है, जो लक्ष्य से अधिक है। पूरी खबर पढें

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