हरियाणा के यमुनानगर जिले के सढौरा क्षेत्र के श्यामपुर गांव में सामने आए दिल दहला देने वाले मातृ हत्याकांड में अब पुलिस जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सरपंच की पत्नी बलजिंद्र कौर की निर्मम हत्या के आरोप में गिरफ्तार इकलौता बेटा गोमित राठी और उसका दोस्त पंकज फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। चार दिन के पुलिस रिमांड के दौरान जुटाए गए तमाम सबूत के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है। ताकि जल्द ही अदालत में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट (चालान) पेश की जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कोई तात्कालिक गुस्से में किया गया अपराध नहीं था, बल्कि ठंडे दिमाग से रची गई एक सुनियोजित साजिश थी, जिसकी परतें रिमांड के दौरान धीरे-धीरे खुलती चली गईं। प्रेम, विरोध और पारिवारिक कलह की परछाइयों में रचा गया कत्ल जांच में सामने आया है कि आरोपी गोमित अपनी प्रेमिका से इंटरकास्ट शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी मां बलजिंद्र कौर इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं। यही विरोध गोमित के मन में गहरी कुंठा और रंजिश बनता चला गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ लव मैरिज का विरोध नहीं था, बल्कि इसके पीछे पारिवारिक तनाव, विदेश में आर्थिक तंगी, पैसों को लेकर विवाद और नशे की लत जैसे कई कारण भी जुड़े हुए थे। प्रेमिका भी थी नहीं था गोमित की मानसिकता का अंदाजा चौंकाने वाली बात यह है कि गोमित की प्रेमिका को भी इस हद तक जा सकने वाली उसकी मानसिकता का कोई अंदाजा नहीं था। पुलिस पूछताछ में यह साफ हुआ कि हत्या की पूरी योजना गोमित ने अकेले ही बनाई, जबकि दोस्त पंकज ने उसे छिपने, भागने और सबूत छुपाने में सहयोग किया। विदेश से लौटकर मां की हत्या, फिर दुखी बेटे का अभिनय पुलिस जांच के अनुसार, गोमित 18 दिसंबर को चुपचाप इंग्लैंड से भारत लौटा और करनाल में पीजी लेकर छिप गया। 24 दिसंबर की शाम वह गांव पहुंचा और पशु-बाड़े में अंधेरे में छिपकर बैठ गया। जैसे ही बलजिंद्र कौर पशुओं को चारा डालने आईं, उसने पहले कुल्हाड़ी से हमला किया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। शव को हादसा दिखाने के लिए पानी के हौद में डाल दिया गया। इसके बाद गोमित ने न सिर्फ खुद को विदेश में होना दिखाया, बल्कि मां की मौत की खबर मिलने पर रोने-बिलखने का नाटक करते हुए अंतिम संस्कार तक में शामिल हुआ और मुखाग्नि भी दी। यही बात बाद में पुलिस और परिजनों के लिए सबसे बड़ा मानसिक झटका बनी। रिमांड में बेनकाब हुई साजिश, नहीं दिखा कोई पछतावा चार दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी गोमित के व्यवहार ने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मां की हत्या को लेकर उसके चेहरे पर किसी तरह का पछतावा या भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दिखी। पूछताछ के दौरान वह पूरी तरह सामान्य और ठंडे दिमाग से जवाब देता रहा। रिमांड के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, कपड़े, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल, लोकेशन रिकॉर्ड और पासपोर्ट समेत कई अहम सबूत बरामद किए हैं। ये सभी साक्ष्य अब चार्जशीट का हिस्सा बनाए जा रहे हैं। अब अदालत में होगी कानूनी लड़ाई सीआईए-2 के इंचार्ज राकेश ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, डिजिटल सबूत, गवाहों के बयान और रिमांड के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एक मजबूत चार्जशीट तैयार की जा रही है। कार्रवाई पूरी होते ही दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया जाएगा।


