अररिया में चैत्र नवरात्रि संपन्न, मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जित:दिव्य दुर्गा वैष्णवी मंदिर से निकली विसर्जन यात्रा में भक्तों की भीड़

अररिया में चैत्र नवरात्रि संपन्न, मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जित:दिव्य दुर्गा वैष्णवी मंदिर से निकली विसर्जन यात्रा में भक्तों की भीड़

अररिया में चैत्र नवरात्रि के समापन पर शहर के ओम नगर, वार्ड संख्या 08 स्थित दिव्य दुर्गा वैष्णवी मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विजयादशमी के दिन विसर्जन किया गया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को परमान नदी के त्रिसुलिया घाट पर विसर्जित किया गया। नवरात्रि के दौरान मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां प्रतिदिन विशेष पूजा, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। विजयादशमी की सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जो माता रानी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए विसर्जन यात्रा मंदिर परिसर से शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई। इसमें आसपास के इलाकों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। यात्रा अररिया-रानीगंज मुख्य मार्ग से होते हुए बस स्टैंड, एडीबी चौक, चांदनी चौक, काली मंदिर चौक और पंचकोड़ी चौक जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरी। पूरे रास्ते भक्तों ने ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। कई जगहों पर फूलों की वर्षा की गई। यात्रा परमान नदी तट स्थित त्रिसुलिया घाट पहुंची, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। शक्ति, सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना भक्तों ने मां दुर्गा से शक्ति, सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की। दिव्य दुर्गा वैष्णवी मंदिर अररिया जिला मुख्यालय में चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने वाले प्रमुख केंद्रों में से एक है। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए सुरक्षा और पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। विसर्जन के दौरान स्थानीय प्रशासन की टीम भी मौजूद रही। यह आयोजन धार्मिक भावनाओं को मजबूत करने के साथ-साथ सामुदायिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है। अररिया में चैत्र नवरात्रि के समापन पर शहर के ओम नगर, वार्ड संख्या 08 स्थित दिव्य दुर्गा वैष्णवी मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विजयादशमी के दिन विसर्जन किया गया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को परमान नदी के त्रिसुलिया घाट पर विसर्जित किया गया। नवरात्रि के दौरान मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां प्रतिदिन विशेष पूजा, हवन और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। विजयादशमी की सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जो माता रानी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए विसर्जन यात्रा मंदिर परिसर से शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुई। इसमें आसपास के इलाकों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। यात्रा अररिया-रानीगंज मुख्य मार्ग से होते हुए बस स्टैंड, एडीबी चौक, चांदनी चौक, काली मंदिर चौक और पंचकोड़ी चौक जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरी। पूरे रास्ते भक्तों ने ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाएं और बच्चे भी उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हुए। कई जगहों पर फूलों की वर्षा की गई। यात्रा परमान नदी तट स्थित त्रिसुलिया घाट पहुंची, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। शक्ति, सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना भक्तों ने मां दुर्गा से शक्ति, सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की। दिव्य दुर्गा वैष्णवी मंदिर अररिया जिला मुख्यालय में चैत्र नवरात्रि पर मां दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने वाले प्रमुख केंद्रों में से एक है। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए सुरक्षा और पार्किंग के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। विसर्जन के दौरान स्थानीय प्रशासन की टीम भी मौजूद रही। यह आयोजन धार्मिक भावनाओं को मजबूत करने के साथ-साथ सामुदायिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है।  

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