उदियमान सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चैती छठ:सुबह चार बजे तक करीब 4 लाख व्रती घाट पर पहुंचे थे, 2 किमी पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु

उदियमान सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न हुआ चैती छठ:सुबह चार बजे तक करीब 4 लाख व्रती घाट पर पहुंचे थे, 2 किमी पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु

औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक देव सूर्यनगरी में उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इसी के साथ चार दिवसीय चैती छठ संपन्न हो गया। देव सूर्य मंदिर और सूर्यकुंड-रुद्रकुंड तालाब पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। सुबह 4 बजे तक 3 से 4 लाख व्रती घाटों पर पहुंच चुके थे। हर गली, सड़क और घाट श्रद्धालुओं से पट गया। कई श्रद्धालु डेढ़ से 2 किलोमीटर पैदल चलकर सूर्यकुंड तक पहुंचे। अर्घ्य के दौरान भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही और व्रतियों को किसी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मेला परिसर में करीब 400 दंडाधिकारियों को लगाया था जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। मेला परिसर में करीब 400 दंडाधिकारियों और 1600 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा एनसीसी और स्काउट-गाइड के कैडेट भी श्रद्धालुओं की सहायता और भीड़ प्रबंधन में सक्रिय रहे। ड्रोन से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी, जिससे किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल खुद रात भर मेला परिसर में मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। अधिकारियों की ओर से लगातार तैनात कर्मियों को दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। तीन शिफ्ट में दंडाधिकारी और पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रही।

भगवान सूर्य के दर्शन के लिए जुटे श्रद्धालु अर्घ्य के बाद श्रद्धालु देव सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। विशेष रूप से बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देव सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य 3 स्वरूप ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में विराजमान हैं, जो इस स्थल की विशेषता को और भी अद्वितीय बनाता है। यही कारण है कि बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां छठ पर्व मनाने पहुंचते हैं। औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक देव सूर्यनगरी में उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इसी के साथ चार दिवसीय चैती छठ संपन्न हो गया। देव सूर्य मंदिर और सूर्यकुंड-रुद्रकुंड तालाब पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। सुबह 4 बजे तक 3 से 4 लाख व्रती घाटों पर पहुंच चुके थे। हर गली, सड़क और घाट श्रद्धालुओं से पट गया। कई श्रद्धालु डेढ़ से 2 किलोमीटर पैदल चलकर सूर्यकुंड तक पहुंचे। अर्घ्य के दौरान भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही और व्रतियों को किसी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मेला परिसर में करीब 400 दंडाधिकारियों को लगाया था जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। मेला परिसर में करीब 400 दंडाधिकारियों और 1600 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा एनसीसी और स्काउट-गाइड के कैडेट भी श्रद्धालुओं की सहायता और भीड़ प्रबंधन में सक्रिय रहे। ड्रोन से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही थी, जिससे किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल खुद रात भर मेला परिसर में मौजूद रहकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। अधिकारियों की ओर से लगातार तैनात कर्मियों को दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। तीन शिफ्ट में दंडाधिकारी और पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई थी, जिससे 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रही।

भगवान सूर्य के दर्शन के लिए जुटे श्रद्धालु अर्घ्य के बाद श्रद्धालु देव सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। विशेष रूप से बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, देव सूर्य मंदिर में भगवान सूर्य 3 स्वरूप ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में विराजमान हैं, जो इस स्थल की विशेषता को और भी अद्वितीय बनाता है। यही कारण है कि बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां छठ पर्व मनाने पहुंचते हैं।  

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