अररिया में चैती छठ, घर-घाटों पर अर्घ्य:वार्डों में अस्थायी पोखर बने, श्रद्धालुओं ने घरों, घाटों और नहर-नदी किनारे की आराधना

अररिया में चैती छठ, घर-घाटों पर अर्घ्य:वार्डों में अस्थायी पोखर बने, श्रद्धालुओं ने घरों, घाटों और नहर-नदी किनारे की आराधना

अररिया में मंगलवार को लोक आस्था का महापर्व चैती छठ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न घरों, छठ घाटों और नहर-नदी किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूरे जिले में छठ मैया की आराधना की गई। शहर के ओम नगर वार्ड संख्या 08 में वार्ड पार्षद माला देवी के आवास के बाहर मंदिर प्रांगण में विशेष तैयारी की गई थी। यहां एक पोखर का निर्माण कर चैती छठ का आयोजन किया गया। वार्ड निवासियों ने सामूहिक रूप से डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। श्रद्धालु ठेकुआ, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद से सजी डलियां लेकर घाट पर पहुंचे। विभिन्न वार्डों में लोगों ने अपने घरों के सामने अस्थायी छठ घाट बनाए। नहर और नदी किनारे भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में पर्व में शामिल हुए। पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान भी मौके पर उपस्थित रहे
वार्ड संख्या 07 के पार्षद श्याम कुमार मंडल और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान भी मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व शक्ति, समर्पण और शुद्धता का प्रतीक है। राजेश पासवान ने अपनी व्यक्तिगत अनुभूति साझा करते हुए बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से चैती छठ कर रहे हैं। संतान सुख नहीं होने पर छठी मैया की कृपा से उन्हें दो संतानें प्राप्त हुईं। इसके बाद से वह इस पर्व की आराधना करते आ रहे हैं। पूरे अररिया जिले में व्रतियों ने शुद्धता का पालन करते हुए खरना के बाद संध्या अर्घ्य दिया। युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस पर्व में शामिल हुए। छठ घाटों पर गीत और भजन गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं
स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। चैती छठ सूर्य देवता और छठी मैया की उपासना का पर्व है, जो स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और संतान प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। इस बार भी यह पर्व बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाते हुए नजर आया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को छठ की शुभकामनाएं दीं और मां छठी से पूरे परिवार के कल्याण की कामना की। अररिया में मंगलवार को लोक आस्था का महापर्व चैती छठ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न घरों, छठ घाटों और नहर-नदी किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूरे जिले में छठ मैया की आराधना की गई। शहर के ओम नगर वार्ड संख्या 08 में वार्ड पार्षद माला देवी के आवास के बाहर मंदिर प्रांगण में विशेष तैयारी की गई थी। यहां एक पोखर का निर्माण कर चैती छठ का आयोजन किया गया। वार्ड निवासियों ने सामूहिक रूप से डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। श्रद्धालु ठेकुआ, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद से सजी डलियां लेकर घाट पर पहुंचे। विभिन्न वार्डों में लोगों ने अपने घरों के सामने अस्थायी छठ घाट बनाए। नहर और नदी किनारे भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में पर्व में शामिल हुए। पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान भी मौके पर उपस्थित रहे
वार्ड संख्या 07 के पार्षद श्याम कुमार मंडल और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान भी मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व शक्ति, समर्पण और शुद्धता का प्रतीक है। राजेश पासवान ने अपनी व्यक्तिगत अनुभूति साझा करते हुए बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से चैती छठ कर रहे हैं। संतान सुख नहीं होने पर छठी मैया की कृपा से उन्हें दो संतानें प्राप्त हुईं। इसके बाद से वह इस पर्व की आराधना करते आ रहे हैं। पूरे अररिया जिले में व्रतियों ने शुद्धता का पालन करते हुए खरना के बाद संध्या अर्घ्य दिया। युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस पर्व में शामिल हुए। छठ घाटों पर गीत और भजन गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं
स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। चैती छठ सूर्य देवता और छठी मैया की उपासना का पर्व है, जो स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और संतान प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। इस बार भी यह पर्व बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाते हुए नजर आया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को छठ की शुभकामनाएं दीं और मां छठी से पूरे परिवार के कल्याण की कामना की।  

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