आमतौर पर चेन स्नेचिंग की घटनाएं सुनसान गलियों या बाजारों में सामने आती हैं, लेकिन अब यह खतरा संवेदनशील स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच चुका है। एम्स भोपाल में रविवार शाम चेन स्नेचिंग की वारदात हुई। एम्स से मिली जानकारी के अनुसार, ब्लड बैंक के पीछे स्थित लिफ्ट में एक युवक महिला कर्मचारी का मंगलसूत्र झपटकर फरार हो गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार को सामने आया है। पीड़िता ने पहले सिक्योरिटी एजेंसी को सूचना दी और फिर बागसेवनिया थाने में लिखित आवेदन दिया। अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। स्त्री रोग विभाग में अटेंडर है पीड़िता एम्स से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता वर्षा सोनी स्त्री रोग विभाग में अटेंडर के पद पर कार्यरत हैं। वारदात के समय उनके गले में सोने की मोतियों की माला और मंगलसूत्र था। घटना के दौरान लिफ्ट में मौजूद युवक ने पहले बातचीत करते हुए पूछा कि नेत्र रोग विभाग किस फ्लोर पर है। महिला ने तीसरे फ्लोर की जानकारी दी। जैसे ही लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची, युवक पहले बाहर निकला और फिर अचानक लौटकर महिला के गले पर झपट्टा मारा। आरोपी ने सोने की माला और मंगलसूत्र खींचने की कोशिश की। महिला ने प्रतिरोध किया, लेकिन आरोपी धक्का देकर सीढ़ियों की ओर भाग निकला। सिक्योरिटी एजेंसी के अनुसार, मोती की माला टूट कर वहीं गिर गई। जबकि, मंगलसूत्र युवक लेकर भाग गया। वारदात के समय सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं थे घटना के समय आसपास कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था। वारदात के बाद पीड़िता करीब दस मिनट तक जीने में बैठी रोती रहीं। कुछ देर बाद राउंड पर जा रहे सुरक्षा गार्ड ने उन्हें देखा और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई। इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद गार्ड ने पीड़िता को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। महिला ने बागसेवनिया थाने में आवेदन दे दिया है। छुट्टी होने के कारण अस्पताल में कम सुरक्षा रविवार 25 जनवरी को छुट्टी और अगले दिन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस होने की वजह से अस्पताल में भीड़ कम थी। इसी आधार पर कई वार्डों और ब्लॉकों में गार्डों की संख्या भी कम कर दी गई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी घटना के बाद आईपीडी गेट से बाहर निकल गया। मास्क और टोपी में आया आरोपी, पहचान में मुश्किल एम्स की सिक्योरिटी एजेंसी के अनुसार, आरोपी मास्क और टोपी पहनकर आया था। पूरे अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज में वह इसी हुलिया में दिखाई दे रहा है, जिससे पहचान में कठिनाई आ रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है। एम्स परिसर में चेन स्नेचिंग की पहली घटना एम्स भोपाल में इससे पहले लैपटॉप चोरी, पर्स चोरी और अन्य सामान चोरी की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, लेकिन कैंपस के भीतर महिला को टारगेट कर चेन स्नेचिंग का यह पहला मामला है। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसी और अस्पताल प्रबंधन अब घटना की समीक्षा कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं।


