CG Rajya Sabha Election: सामाजिक समीकरणों पर सियासी दांव, भाजपा ने ओबीसी तो कांग्रेस ने आदिवासी चेहरे पर खेला दांव

CG Rajya Sabha Election: सामाजिक समीकरणों पर सियासी दांव, भाजपा ने ओबीसी तो कांग्रेस ने आदिवासी चेहरे पर खेला दांव

CG Rajya Sabha Election: छत्तीसगढ़ की रिक्त दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस से फूलोदेवी नेताम का चुनाव जीतना तय हो गया। दो सीट के लिए कुल तीन लोगों ने नामांकन जमा किए थे। इसमें तेलंगाना के एक व्यक्ति ने नामांकन जमा किया था। उसमें कोई प्रस्तावक व समर्थक नहीं था। इस कारण उनका नामांकन रद्द हो गया। वहीं, उम्मीदवारों के चयन में साफतौर पर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण हावी दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा ने पिछड़ा वर्ग से आने वाली वर्मा को उम्मीदवार बनाकर ओबीसी वोट बैंक को साधने की कोशिश की है, जबकि कांग्रेस ने आदिवासी नेता नेताम को दोबारा मौका देकर अपने पारंपरिक आदिवासी आधार को मजबूत करने का संकेत दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों दलों का यह फैसला केवल एक सीट जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

CG Rajya Sabha Election: लंबी सूची के बाद महिलाओं पर भरोसा

कांग्रेस में राज्यसभा जाने के लिए दावेदारों की लंबी सूची थी। भाजपा में भी कई दावेदारों ने अपनी ताल ठोकी थी, लेकिन राजनीतिक समीकरणों के चलते उन्हें टिकट नहीं मिल सका। माना जा रहा है कि दलों ने इस बार संगठन में सक्रिय लेकिन अपेक्षाकृत कम विवादित चेहरों को प्राथमिकता दी, ताकि सामाजिक संदेश के साथ राजनीतिक संतुलन भी बना रहे। यही वजह है कि इस बार कांग्रेस-भाजपा दोनों ने महिलाओं पर भरोसा जताया।

नेताओं ने पहले खरीद लिए थे नामांकन फॉर्म

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस-भाजपा दोनों के एक-एक नेताओं ने नामांकन फॉर्म खरीदा था। इसमें भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी और कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष का नाम शामिल है। दोनों एक ही क्षेत्र के नेता है। हालांकि पार्टी की ओर से अधिकृत नामों की घोषणा के बाद दोनों नेताओं ने अपना नामांकन फार्म जमा नहीं किया। भाजपा प्रत्याशी वर्मा के नामांकन फार्म में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व धरमलाल कौशिक प्रस्तावक बने।

इस वजह से वर्मा का चयन

लक्ष्मी वर्मा पिछड़ा वर्ग की नेत्री हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय हैं। वे जिला पंचायत अध्यक्ष भी रही हैं। उनकी छवि साफ-सुथरी है। पार्टी उन्हें संगठन का चेहरा और महिलाओं के प्रतिनिधित्व के तौर पर प्रोजेक्ट कर रही हैं, जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पसंद मानी जा रही है।

लक्ष्मी वर्मा पिछड़ा वर्ग की नेत्री

CG Rajya Sabha Election: इस वजह से फूलोदेवी का चयन

फूलोदेवी नेताम 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की सदस्य रही हैं और छत्तीसगढ़ गठन के बाद पहली विधानसभा में भी विधायक रहीं है। साथ ही 2016 से प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष हैं। कांग्रेस 2023 की हार के बाद कमजोर पड़े आदिवासी सहयोग को मजबूत करने के लिए बस्तर से आई इस महिला आदिवासी चेहरे की निरंतरता को अपना सुरक्षित दांव मान रही है।

फूलोदेवी नेताम

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