CG News: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (एमएमएसी) जिला सहित पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में तैनात आईटीबीपी और जिला पुलिस बल के जवान फिलहाल मैदान नहीं छोड़ेंगे। थाना और बेस कैंप में तैनात रहते हुए वे क्षेत्र के विकास में सहभागी बनेंगे तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
केन्द्र सरकार की ओर से अभी तक रेड जोन में तैनात फोर्स को हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। इसलिए जवानों की तैनाती फिलहाल इसी क्षेत्र में बनी रहेगी।
वर्तमान में 5 बेस कैंप और 10 से अधिक थाने संचालित
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में वर्तमान में 5 बेस कैंप और 10 से अधिक थाने संचालित हैं। इनमें जिला पुलिस बल के साथ-साथ आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई है। दोनों बल लंबे समय से नक्सल विरोधी अभियानों में संयुक्त रूप से कार्यरत रहे हैं। हाल ही में बड़े पैमाने पर नक्सलियों के सरेंडर के बाद इस क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया गया था। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा थी कि अब सुरक्षा बलों को यहां से हटाया जा सकता है, लेकिन केन्द्र सरकार से अभी तक कोई स्पष्ट आदेश नहीं आने के कारण जवानों की तैनाती यथावत बनी हुई है। जवान निगरानी कर रहे हैं।
कार्रवाई की जाएगी
सीमावर्ती इलाकों में शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कई बार पुलिस ने ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की है। गांवों में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री के मामले भी सामने आए हैं। इसलिए यहां तैनात सुरक्षा बल अब अवैध तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त नजर रखेंगे।
कोई आदेश नहीं आया
इस संबंध में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने कहा कि थाना और बेस कैंप में तैनात फोर्स को हटाने संबंधी अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। फिलहाल जवानों की तैनाती क्षेत्र में ही रहेगी।
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