CG News: आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत जिले में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि जनगणना से जुड़े कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरे किए जा सकें।
जारी आदेश के अनुसार 1 मई 2026 से 30 जून 2026 के बीच जिले में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। यह जनगणना प्रक्रिया का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इस कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक बताया गया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए 23 मार्च 2026 से 10 जून 2026 तक जिले में अवकाश प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इस अवधि में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को नियमित अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी की पूर्व अनुमति से अवकाश प्रदान किया जा सकेगा।
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान कोई भी अधिकारी या बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोककर्मचारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और फील्ड कार्य की तैयारी के लिए हर समय उपलब्ध रहना होगा। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि 23 मार्च 2026 से पहले स्वीकृत सभी अवकाश स्वतः निरस्त माने जाएंगे। हालांकि, चिकित्सा अवकाश को सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के आधार पर यथावत रखा जा सकता है।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की नीतियों और योजनाओं के निर्माण का आधार है। ऐसे में इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ करना होगा, ताकि यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक और समय पर पूरी हो सके।


