CG Dhan Kharidi: धान खरीदी की समय-सीमा दो दिन बढ़ाए जाने का असर पहले दिन साफ नजर आया, जब प्रदेशभर के अलग-अलग खरीदी केंद्रों में 40 हजार टन से अधिक धान की खरीदी दर्ज की गई। सरकार द्वारा किसानों की मांग को देखते हुए खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था, जिसके बाद अंतिम चरण में केंद्रों पर फिर से रौनक लौट आई है। गुरूवार को कई केंद्रों में धान खरीदी हुई। अब 6 फरवरी को धान खरीदी का अंतिम दिवस तय किया गया है और किसान बड़ी संख्या में अपने उपज को समितियों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
अब भंडारण और उठाव की चुनौती
खरीदी के साथ ही अब समितियों के सामने धान के सुरक्षित भंडारण और समय पर उठाव की चुनौती भी बढऩे वाली है। हर साल अंतिम दिनों में खरीदी बढऩे से गोदामों में दबाव बढ़ता है और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन के लिए खरीदी के बाद उठाव और भंडारण को सुचारु रखना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
1.58 लाख किसानों ने दिया था आवेदन
जानकारी के मुताबिक इस सीजन में 31 दिसंबर से पहले ही 1.58 लाख किसानों ने सोसायटी के माध्यम से धान बेचने के लिए आवेदन किया था, जिनमें से कई किसान समय की कमी के कारण धान नहीं बेच पाए थे। समय सीमा बढऩे से ऐसे किसानों को राहत मिली है। अभी तक प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से करीब 140 लाख टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर आंकड़ा माना जा रहा है।


