CG Bribery Case: ACB की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे गए वन विभाग के दो अधिकारी

CG Bribery Case: ACB की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे गए वन विभाग के दो अधिकारी

CG Bribery Case: छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की सख्ती लगातार जारी है। इसी क्रम में बिलासपुर ACB की टीम ने मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व स्थित सुरही रेंज में बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के दो अधिकारियों- रेंजर और डिप्टी रेंजर- को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से वन विभाग सहित पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

CG Bribery Case: क्या है पूरा मामला

ACB अधिकारियों के अनुसार, लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दिसंबर 2025 में वह अपने साथियों के साथ सुरही रेंज घूमने गया था। इस दौरान वहां बनाई गई एक वीडियो रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनका वाहन जब्त कर लिया। इतना ही नहीं, इस मामले में उन्हें और उनके साथियों को करीब 18 दिनों तक जेल भी रहना पड़ा।

जेल से बाहर आने के बाद जब अजीत कुमार ने अपने वाहन की रिहाई और चालान जल्द पेश करने के लिए वन विभाग से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने उनसे मोटी रकम की मांग की। डिप्टी रेंजर ने कथित तौर पर चालान जल्दी पेश करने के लिए 4 से 5 लाख रुपये खर्च आने की बात कही, जबकि जब्त वाहन छोड़ने के एवज में 70 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई।

CG Bribery Case

ACB ने ऐसे बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की तैयारी की। 26 मार्च 2026 को शिकायतकर्ता को कोटा स्थित एक रेस्टोरेंट में रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया। जैसे ही डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने 50 हजार रुपये की पहली किश्त स्वीकार की, ACB टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

CG Bribery Case

रेंजर की भूमिका भी संदिग्ध

कार्रवाई के दौरान रेंजर पल्लव नायक भी मौके पर मौजूद थे। जांच में यह सामने आया कि उन्होंने भी शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद ACB ने उन्हें भी मामले में आरोपी बनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। डिप्टी रेंजर से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।

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कानूनी कार्रवाई

ACB ने डिप्टी रेंजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि रेंजर पर धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों से आगे पूछताछ जारी है और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

CG Bribery Case: लगातार हो रही कार्रवाई

ACB बिलासपुर की यह कार्रवाई पिछले दो वर्षों में 45वीं ट्रैप कार्रवाई है, जो यह दर्शाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसी लगातार सक्रिय है। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तुरंत ACB को दें।

इलाके में मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है।

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