पलवल जिले के छांयसा गांव में हेपेटाइटिस-बी के मामलों की जांच के लिए आईसीएमआर पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की टीमों ने दौरा किया। डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह के मरीजों के नमूने लिए और उनकी बीमारी के इतिहास की जानकारी जुटाई। एनर्जी ड्रिंक के सेवन को लेकर पूछताछ टीम में डॉ. वरुण, डॉ. गिरीश, डॉ. पार्थ और डॉ. संध्या शामिल थे। उन्होंने बीमारी से मृत हुए लोगों के परिवारों से विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान पीएचसी छांयसा के इंचार्ज डॉ. देवेंद्र जाखड़ भी उनके साथ थे। टीमों ने ग्रामीणों से एनर्जी ड्रिंक के सेवन के बारे में भी पूछताछ की और मरीजों को नीम हकीम व झोलाछाप डॉक्टरों से बचने की सलाह दी। मामले को विधानसभा में भी उठाया गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सतेंद्र ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है और हालात सामान्य बने हुए हैं। छांयसा गांव में हुई अस्वाभाविक मौतों के मामले को विधानसभा में भी उठाया गया है। विधानसभा स्पीकर से करेंगे समय सीमा निर्धारित स्थानीय विधायक मोहम्मद इसराईल चौधरी, नूंह के विधायक आफताब अहमद, पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक अरोड़ा और अन्य विधायकों ने नियम 73 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विधायक मोहम्मद इसराईल चौधरी ने बताया कि उन्होंने लोक महत्व के इस मुद्दे पर विचार के लिए स्पीकर हरविंद्र कल्याण से अनुरोध किया है। स्पीकर इस पर चर्चा के लिए समय सीमा निर्धारित करेंगे।


