स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए मार्च में पटना आएगी केंद्रीय टीम:नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे दोगुना अंक; गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर फोकस

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए मार्च में पटना आएगी केंद्रीय टीम:नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे दोगुना अंक; गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर फोकस

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पटना पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। मार्च में सर्वे के लिए केंद्रीय टीम पटना आएगी।यह सर्वे देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करेगी। पटना नगर निगम का लक्ष्य टॉप-20 में जगह बनाना और फाइव स्टार गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग हासिल करना है। इसके लिए टूलकीट जारी कर दिया गया। इस बार की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखा गया है। इस बार शहर की रैंकिंग कुल 12,500 अंकों के आधार पर तय होगी। नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे दोगुना अंक इस बार नागरिकों के फीडबैक पर दोगुना अंक मिलेंगे। पिछले साल 500 नंबर की मार्किंग की जाती थी, जबकि इस बार एक हजार नंबर पर मार्किंग होगी। इस बार सिटिजन फीडबैक और शिकायत निवारण की मार्किंग को दोगुना किया गया है। पहले दो चरणों में फोन कर नागरिकों का फीडबैक लिया जाता है। तीसरे चरण में डेस्कटॉप असेसमेंट का काम किया जाएगा। वहीं, चौथे चरण में ऑन फील्ड असेसमेंट किया जाएगा। गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर विशेष फोकस इस बार रैंकिंग में कचरा प्रबंधन, गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर विशेष फोकस रहेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल किए गए हैं। इनमें दृश्य स्वच्छता, अपशिष्ट जल प्रबंधन, स्वच्छता तक पहुंच, सफाई कर्मियों का कल्याण, शिकायत निवारण और जनभागीदारी जैसे अहम पहलू शामिल हैं। वहीं घाटों, पर्यटन स्थलों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर विशेष फोकस किया गया है। कैसे होगा सर्वे में मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेच्छण 2025-26 में अंक का मूल्यांकन तीन प्रकार से बांटा गया है। इसमें ओडीएफ/ वाटर के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटीज के लिए 1000 अंक, ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक के लिए 10 हजार 500 अंक निर्धारित किये गए हैं। ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक को भी चार फेज में बांटा गया है। चारों फेज में सर्वे के बाद अंक दिए जाएंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए पटना पूरी तैयारियों में लगा हुआ है। मार्च में सर्वे के लिए केंद्रीय टीम पटना आएगी।यह सर्वे देश के प्रमुख शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय करेगी। पटना नगर निगम का लक्ष्य टॉप-20 में जगह बनाना और फाइव स्टार गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग हासिल करना है। इसके लिए टूलकीट जारी कर दिया गया। इस बार की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखा गया है। इस बार शहर की रैंकिंग कुल 12,500 अंकों के आधार पर तय होगी। नागरिकों के फीडबैक पर मिलेंगे दोगुना अंक इस बार नागरिकों के फीडबैक पर दोगुना अंक मिलेंगे। पिछले साल 500 नंबर की मार्किंग की जाती थी, जबकि इस बार एक हजार नंबर पर मार्किंग होगी। इस बार सिटिजन फीडबैक और शिकायत निवारण की मार्किंग को दोगुना किया गया है। पहले दो चरणों में फोन कर नागरिकों का फीडबैक लिया जाता है। तीसरे चरण में डेस्कटॉप असेसमेंट का काम किया जाएगा। वहीं, चौथे चरण में ऑन फील्ड असेसमेंट किया जाएगा। गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर विशेष फोकस इस बार रैंकिंग में कचरा प्रबंधन, गंगा घाटों की सफाई, सिटीजन फीडबैक और ग्राउंड असेसमेंट पर विशेष फोकस रहेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल किए गए हैं। इनमें दृश्य स्वच्छता, अपशिष्ट जल प्रबंधन, स्वच्छता तक पहुंच, सफाई कर्मियों का कल्याण, शिकायत निवारण और जनभागीदारी जैसे अहम पहलू शामिल हैं। वहीं घाटों, पर्यटन स्थलों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर विशेष फोकस किया गया है। कैसे होगा सर्वे में मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेच्छण 2025-26 में अंक का मूल्यांकन तीन प्रकार से बांटा गया है। इसमें ओडीएफ/ वाटर के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटीज के लिए 1000 अंक, ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक के लिए 10 हजार 500 अंक निर्धारित किये गए हैं। ग्राउंड असेस्मेंट और सिटीजन फीडबैक को भी चार फेज में बांटा गया है। चारों फेज में सर्वे के बाद अंक दिए जाएंगे।  

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