शेखपुरा में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे ‘सर्व जन दवा अभियान’ का निरीक्षण करने सोमवार को एक केंद्रीय टीम सदर अस्पताल पहुंची। इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश्वर लाल ने फाइलेरिया की दवा की खुराक ली। सदर अस्पताल पहुंचने पर सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार और एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने संयुक्त सचिव का बुके और अंग वस्त्र देकर सम्मान किया। केंद्रीय टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और दवा खिलाने वाली टीमों से उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। 382 टीमें घर-घर जाकर दवा का सेवन करा रही
संयुक्त सचिव राजेश्वर लाल ने सभी लोगों से फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य 2030 तक है, लेकिन भारत सरकार 2027 तक इस रोग के उन्मूलन के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दवा के सेवन से रोग को कम करने की दिशा में बेहतर संकेत मिले हैं। जिले में 6,92,209 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 5,46,477 लोगों को दवा दी जा चुकी है। इस अभियान के लिए पूरे जिले में 382 टीमें घर-घर जाकर दवा का सेवन करा रही हैं। सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए
केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने स्थानीय सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम, अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे। शेखपुरा में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे ‘सर्व जन दवा अभियान’ का निरीक्षण करने सोमवार को एक केंद्रीय टीम सदर अस्पताल पहुंची। इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश्वर लाल ने फाइलेरिया की दवा की खुराक ली। सदर अस्पताल पहुंचने पर सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार और एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने संयुक्त सचिव का बुके और अंग वस्त्र देकर सम्मान किया। केंद्रीय टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और दवा खिलाने वाली टीमों से उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। 382 टीमें घर-घर जाकर दवा का सेवन करा रही
संयुक्त सचिव राजेश्वर लाल ने सभी लोगों से फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य 2030 तक है, लेकिन भारत सरकार 2027 तक इस रोग के उन्मूलन के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दवा के सेवन से रोग को कम करने की दिशा में बेहतर संकेत मिले हैं। जिले में 6,92,209 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 5,46,477 लोगों को दवा दी जा चुकी है। इस अभियान के लिए पूरे जिले में 382 टीमें घर-घर जाकर दवा का सेवन करा रही हैं। सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए
केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने स्थानीय सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार को अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम, अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी और कर्मी मौजूद थे।


