केंद्र सरकार ने डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (Debt Recovery Tribunal) में कामकाज सुचारु रखने के लिए नया आदेश जारी किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने वित्तीय सेवा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए चंडीगढ़ और रांची के डीआरटी में प्रेसीडिंग ऑफिसर का अतिरिक्त जिम्मा दूसरे अधिकारियों को सौंपने का फैसला किया है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक नियमित अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती या फिर सरकार की ओर से अगला आदेश जारी नहीं किया जाता, जो भी पहले हो। चंडीगढ़ डीआरटी-2 का अतिरिक्त प्रभार आदेश के अनुसार, डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल -2, चंडीगढ़ के प्रेसीडिंग ऑफिसर (अध्यक्ष) का अतिरिक्त जिम्मा शिव कुमार-प्रथम को दिया गया है। वह अभी कर्ज वसूली अधिकरण-3, दिल्ली में प्रेसीडिंग ऑफिसर के पद पर कार्य कर रहे हैं। यह अतिरिक्त प्रभार 14 फरवरी 2026 से छह महीने तक या फिर जब तक नियमित अधिकारी पदभार नहीं संभाल लेते, तब तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगा। रांची डीआरटी में भी अतिरिक्त जिम्मेदारी इसी तरह डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल, रांची के प्रेसीडिंग ऑफिसर (अध्यक्ष) का अतिरिक्त प्रभार प्रावस कुमार सिंह को दिया गया है। वह फिलहाल कर्ज वसूली अधिकरण, लखनऊ में तैनात हैं। यह आदेश 29 दिसंबर 2025 से लागू माना गया है और इसे पूर्व प्रभाव से मंजूरी दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था छह महीने तक, या नियमित नियुक्ति होने तक, या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी। इस आदेश की प्रति जानकारी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय को भी भेज दी गई है। केंद्र सरकार ने डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (Debt Recovery Tribunal) में कामकाज सुचारु रखने के लिए नया आदेश जारी किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने वित्तीय सेवा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए चंडीगढ़ और रांची के डीआरटी में प्रेसीडिंग ऑफिसर का अतिरिक्त जिम्मा दूसरे अधिकारियों को सौंपने का फैसला किया है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक नियमित अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती या फिर सरकार की ओर से अगला आदेश जारी नहीं किया जाता, जो भी पहले हो। चंडीगढ़ डीआरटी-2 का अतिरिक्त प्रभार आदेश के अनुसार, डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल -2, चंडीगढ़ के प्रेसीडिंग ऑफिसर (अध्यक्ष) का अतिरिक्त जिम्मा शिव कुमार-प्रथम को दिया गया है। वह अभी कर्ज वसूली अधिकरण-3, दिल्ली में प्रेसीडिंग ऑफिसर के पद पर कार्य कर रहे हैं। यह अतिरिक्त प्रभार 14 फरवरी 2026 से छह महीने तक या फिर जब तक नियमित अधिकारी पदभार नहीं संभाल लेते, तब तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगा। रांची डीआरटी में भी अतिरिक्त जिम्मेदारी इसी तरह डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल, रांची के प्रेसीडिंग ऑफिसर (अध्यक्ष) का अतिरिक्त प्रभार प्रावस कुमार सिंह को दिया गया है। वह फिलहाल कर्ज वसूली अधिकरण, लखनऊ में तैनात हैं। यह आदेश 29 दिसंबर 2025 से लागू माना गया है और इसे पूर्व प्रभाव से मंजूरी दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था छह महीने तक, या नियमित नियुक्ति होने तक, या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी। इस आदेश की प्रति जानकारी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय को भी भेज दी गई है।


