नवादा में केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर गुरुवार, 12 फरवरी को जिला मुख्यालय स्थित भगत सिंह चौक के पास एक दिवसीय हड़ताल और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें दर्जनों श्रमिक संगठनों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के महामंत्री गोविंद प्रसाद ने की। विभिन्न वामपंथी संगठनों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इससे पहले, टाउन थाना परिसर स्थित धरना स्थल से एक जुलूस निकाला गया, जो नगर भ्रमण करते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा और जनसभा में बदल गया। आशाकर्मियों की मांगों की जा रही नजरअंदाज सभा की अध्यक्षता करते हुए गोविंद प्रसाद ने केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार गरीब किसानों, मजदूरों और आशाकर्मियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। सभा को किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष रामयतन सिंह, प्रो. नरेश चंद्र शर्मा, सीपीएम के जिला मंत्री दानी विद्यार्थी, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ के अध्यक्ष विजय प्रसाद सिंह, मंत्री रोसाना काजमी, आशा फैसिलिटेटर संघ की जिला मंत्री रीता कुमारी, किसान सभा के अखिलेश प्रसाद सिंह, किसान महासभा अध्यक्ष जगदीश चौहान, खेत मजदूर सभा के अजित मेहता और एपवा की सावित्री गुप्ता सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने जनविरोधी नीतियों का मुकाबला एकजुटता से करने और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया। मांगों के समर्थन में डीपीओ को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों समेत कई मजदूर संगठनों के बैनर लहराए गए, जिनके माध्यम से अपनी मांगें प्रस्तुत की गईं। आशा कर्मियों ने सिविल सर्जन को और आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ ने डीपीओ को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों का समर्थन किया। नवादा में केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर गुरुवार, 12 फरवरी को जिला मुख्यालय स्थित भगत सिंह चौक के पास एक दिवसीय हड़ताल और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें दर्जनों श्रमिक संगठनों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान सभा के महामंत्री गोविंद प्रसाद ने की। विभिन्न वामपंथी संगठनों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इससे पहले, टाउन थाना परिसर स्थित धरना स्थल से एक जुलूस निकाला गया, जो नगर भ्रमण करते हुए भगत सिंह चौक पहुंचा और जनसभा में बदल गया। आशाकर्मियों की मांगों की जा रही नजरअंदाज सभा की अध्यक्षता करते हुए गोविंद प्रसाद ने केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार गरीब किसानों, मजदूरों और आशाकर्मियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। सभा को किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष रामयतन सिंह, प्रो. नरेश चंद्र शर्मा, सीपीएम के जिला मंत्री दानी विद्यार्थी, आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ के अध्यक्ष विजय प्रसाद सिंह, मंत्री रोसाना काजमी, आशा फैसिलिटेटर संघ की जिला मंत्री रीता कुमारी, किसान सभा के अखिलेश प्रसाद सिंह, किसान महासभा अध्यक्ष जगदीश चौहान, खेत मजदूर सभा के अजित मेहता और एपवा की सावित्री गुप्ता सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। उन्होंने जनविरोधी नीतियों का मुकाबला एकजुटता से करने और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया। मांगों के समर्थन में डीपीओ को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान आशा कर्मियों समेत कई मजदूर संगठनों के बैनर लहराए गए, जिनके माध्यम से अपनी मांगें प्रस्तुत की गईं। आशा कर्मियों ने सिविल सर्जन को और आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ ने डीपीओ को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों का समर्थन किया।


