केंद्र सरकार कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में ला रही कानून-महामंत्री:किसान सभा का 12 सूत्री मांगों पर प्रदर्शन, भभुआ में पैदल मार्च

केंद्र सरकार कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में ला रही कानून-महामंत्री:किसान सभा का 12 सूत्री मांगों पर प्रदर्शन, भभुआ में पैदल मार्च

कैमूर में बिहार राज्य किसान सभा ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत एक बड़ा प्रदर्शन किया। महामंत्री भीम सिंह के नेतृत्व में किसानों ने भभुआ में 12 सूत्री मांगों को लेकर पैदल मार्च निकाला और अनिश्चितकालीन धरना दिया। यह पैदल मार्च मुंडेश्वरी स्टेडियम भभुआ के गेट से शुरू हुआ। भभुआ शहर से होते हुए यह लिच्छवी भवन के पास धरना स्थल पर पहुंचा, जहां किसान अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। किसान सभा के महामंत्री भीम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, लगातार कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में कानून ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने 43 श्रम कानूनों को समाप्त कर केवल चार श्रम कोड लागू किए गए हैं, जो मजदूर विरोधी हैं। किसानों की प्रमुख मांगों में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है। वे बीज विधेयक 2025 का भी विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह विधेयक विदेशी बीज कंपनियों को किसानों का मनमाने ढंग से शोषण करने की अनुमति देगा। प्रदर्शनकारी बिजली बिल अधिनियम 2025 का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं, जिसके अनुसार किसानों की मुफ्त बिजली सुविधा समाप्त हो जाएगी। सिंचाई के लिए बिजली की दरों में वृद्धि की गई है, और बिजली कंपनियां बिल वसूली में आनाकानी कर रही हैं। कहा- 5 डिसमिल जमीन देने का वादा खोखला साबित हुआ इसके अतिरिक्त, भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन देने का वादा भी खोखला साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं, जिससे ठंड में लोग फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने और भूमिहीनों को जमीन देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह प्रदर्शन कैमूर में किसानों की एकजुटता को दर्शाता है। कैमूर में बिहार राज्य किसान सभा ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत एक बड़ा प्रदर्शन किया। महामंत्री भीम सिंह के नेतृत्व में किसानों ने भभुआ में 12 सूत्री मांगों को लेकर पैदल मार्च निकाला और अनिश्चितकालीन धरना दिया। यह पैदल मार्च मुंडेश्वरी स्टेडियम भभुआ के गेट से शुरू हुआ। भभुआ शहर से होते हुए यह लिच्छवी भवन के पास धरना स्थल पर पहुंचा, जहां किसान अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। किसान सभा के महामंत्री भीम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, लगातार कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में कानून ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने 43 श्रम कानूनों को समाप्त कर केवल चार श्रम कोड लागू किए गए हैं, जो मजदूर विरोधी हैं। किसानों की प्रमुख मांगों में फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है। वे बीज विधेयक 2025 का भी विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि यह विधेयक विदेशी बीज कंपनियों को किसानों का मनमाने ढंग से शोषण करने की अनुमति देगा। प्रदर्शनकारी बिजली बिल अधिनियम 2025 का भी कड़ा विरोध कर रहे हैं, जिसके अनुसार किसानों की मुफ्त बिजली सुविधा समाप्त हो जाएगी। सिंचाई के लिए बिजली की दरों में वृद्धि की गई है, और बिजली कंपनियां बिल वसूली में आनाकानी कर रही हैं। कहा- 5 डिसमिल जमीन देने का वादा खोखला साबित हुआ इसके अतिरिक्त, भूमिहीनों को 5 डिसमिल जमीन देने का वादा भी खोखला साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं, जिससे ठंड में लोग फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने और भूमिहीनों को जमीन देने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह प्रदर्शन कैमूर में किसानों की एकजुटता को दर्शाता है।  

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