कानपुर से कबरई तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। कानपुर लोकसभा के सांसद रमेश अवस्थी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को स्वीकृति प्रदान करते हुए परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है। सांसद ने केंद्र को लिखा था पत्र
सांसद रमेश अवस्थी ने अपने पत्र के माध्यम से कानपुर–कबरई मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव, सड़क सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए ग्रीनफील्ड हाईवे निर्माण की आवश्यकता को केंद्र सरकार के समक्ष रखा था। इस परियोजना के पूर्ण होने से कानपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच आवागमन तेज और सुरक्षित होगा। साथ ही, औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण से क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को नई दिशा मिलने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है। 3700 करोड़ की लगेगी लागत इस ग्रीनफील्ड नेशनल हाइवे को बनने में 3700 करोड़ की लागत आएगी। इतना ही नहीं 78 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरु होने वाली है। इस हाइवे के बनने के बाद कानपुर से कबरई की 127 किलोमीटर की दूरी को तय करने में लगने वाला समय भी कम होगा।


