मधुबनी नगर थाना की पुलिस के सहयोग से बुधवार दोपहर करीब 12 बजे से शहर के विभिन्न इलाकों में कई केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ छापेमारी अभियान शुरू किया। शाम 6 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी टीम ने दर्जन भर से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई देर रात तक जारी रह सकती है। अरबों रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का मामला विशेष सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई अरबों रुपये के बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ी है, जिसके तार विदेशों तक फैले हुए बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में इस साइबर अपराध के संबंध चीन, कंबोडिया, थाईलैंड, नेपाल सहित अन्य देशों से जुड़े होने की संभावना सामने आई है। साथ ही इस नेटवर्क के भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने साधी चुप्पी, बताया संवेदनशील मामला मौके पर मौजूद किसी भी अधिकारी ने पूरे मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अत्यंत संवेदनशील और बड़ा मामला है, इसलिए विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। मास्टरमाइंड मधुबनी का निवासी, मनजीत सिंह गिरफ्तार जांच एजेंसी सूत्रों के अनुसार इस साइबर फ्रॉड गिरोह का मास्टरमाइंड मधुबनी शहर का ही निवासी मनजीत सिंह बताया जा रहा है। उसे मधुबनी नगर थाना क्षेत्र के बिजली ऑफिस रोड से गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपी भी हिरासत में, पूछताछ जारी इसके अलावा राजनगर थाना क्षेत्र के सिबीपट्टी निवासी रौशन, मधुबनी के लहरियागंज निवासी मोहम्मद दिलशाद तथा स्टेशन रोड से दो अन्य युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। नेपाल के जरिए विदेशी नेटवर्क से संपर्क का आरोप सूत्रों के मुताबिक मनजीत सिंह लगातार नेपाल जाकर विदेशी नागरिकों से संपर्क करता था। वह फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से कॉल डाइवर्ट कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर तरीकों से डराकर-धमकाकर ठगी करता था। देश-विदेश में फैले नेटवर्क से अरबों की ठगी इस गिरोह पर आरोप है कि उसने देश और विदेश में फैले अपने नेटवर्क के जरिए करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगठित साइबर अपराध है, जिसमें कई देशों के लोग शामिल हो सकते हैं। डिजिटल साक्ष्यों की जांच, शहर में हड़कंप फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मधुबनी शहर में हड़कंप मच गया है और लोग इस बड़े खुलासे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। मधुबनी नगर थाना की पुलिस के सहयोग से बुधवार दोपहर करीब 12 बजे से शहर के विभिन्न इलाकों में कई केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ छापेमारी अभियान शुरू किया। शाम 6 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार छापेमारी टीम ने दर्जन भर से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई देर रात तक जारी रह सकती है। अरबों रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का मामला विशेष सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई अरबों रुपये के बड़े फर्जीवाड़े से जुड़ी है, जिसके तार विदेशों तक फैले हुए बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में इस साइबर अपराध के संबंध चीन, कंबोडिया, थाईलैंड, नेपाल सहित अन्य देशों से जुड़े होने की संभावना सामने आई है। साथ ही इस नेटवर्क के भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों ने साधी चुप्पी, बताया संवेदनशील मामला मौके पर मौजूद किसी भी अधिकारी ने पूरे मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अत्यंत संवेदनशील और बड़ा मामला है, इसलिए विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही किसी प्रकार की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। मास्टरमाइंड मधुबनी का निवासी, मनजीत सिंह गिरफ्तार जांच एजेंसी सूत्रों के अनुसार इस साइबर फ्रॉड गिरोह का मास्टरमाइंड मधुबनी शहर का ही निवासी मनजीत सिंह बताया जा रहा है। उसे मधुबनी नगर थाना क्षेत्र के बिजली ऑफिस रोड से गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपी भी हिरासत में, पूछताछ जारी इसके अलावा राजनगर थाना क्षेत्र के सिबीपट्टी निवासी रौशन, मधुबनी के लहरियागंज निवासी मोहम्मद दिलशाद तथा स्टेशन रोड से दो अन्य युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। नेपाल के जरिए विदेशी नेटवर्क से संपर्क का आरोप सूत्रों के मुताबिक मनजीत सिंह लगातार नेपाल जाकर विदेशी नागरिकों से संपर्क करता था। वह फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से कॉल डाइवर्ट कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर तरीकों से डराकर-धमकाकर ठगी करता था। देश-विदेश में फैले नेटवर्क से अरबों की ठगी इस गिरोह पर आरोप है कि उसने देश और विदेश में फैले अपने नेटवर्क के जरिए करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का संगठित साइबर अपराध है, जिसमें कई देशों के लोग शामिल हो सकते हैं। डिजिटल साक्ष्यों की जांच, शहर में हड़कंप फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मधुबनी शहर में हड़कंप मच गया है और लोग इस बड़े खुलासे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।


