हनुमान जन्मोत्सव आज (2 अप्रैल) को पूरे एमपी में उल्लास के साथ मनाया जाएगा। जगह-जगह भव्य शोभायात्राओं के साथ ही भंडारे का आयोजन किया जाएगा। जय श्रीराम के जयकारों के साथ हिंदू संगठन हनुमान जन्मोत्सव मनाएंगे। भोपाल में खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर में पितेश्वर हनुमान, रणजीत हनुमान, उज्जैन में गेबी हनुमान, जबलपुर में अर्जी वाले हनुमान, ग्वालियर में मंशापूर्ण हनुमान मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। राजधानी धार्मिक उत्साह और आस्था में सराबोर रहेगी। शहर में जय मां भवानी हिंदू संगठन और बजरंग दल भोपाल विभाग द्वारा दो भव्य शोभायात्राओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जय मां भवानी हिंदू संगठन की ‘हिंदू एकता शोभायात्रा’ छोटा तालाब स्थित कालीघाट मंदिर से प्रारंभ होगी। यह यात्रा चार बत्ती, बुधवारा, इतवारा, मंगलवारा, हनुमानगंज, जुमेराती, घोड़ा निकास, बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज और सिंधी कॉलोनी होते हुए बैरसिया रोड स्थित दुर्गा मंदिर तक पहुंचेगी। यात्रा की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ से होगी और समापन भंडारे के साथ किया जाएगा। इस शोभायात्रा में 15 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, राजस्थान के पारंपरिक ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी विशेष आकर्षण रहेंगे। साथ ही सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां भी शामिल की जाएंगी। वहीं, बजरंग दल द्वारा ‘वीर बजरंगी गदा यात्रा’ शाम 4:30 बजे विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय, छोला रोड से निकाली जाएगी। यह यात्रा फूटा मकबरा, गणेश मंदिर छोला, जे.पी. नगर, डीआईजी बंगला, काजी कैम्प, सिंधी कॉलोनी और करोंद होते हुए प्रांत कार्यालय पर समाप्त होगी। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा और श्रद्धालु शामिल होंगे। दोनों आयोजनों को लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट पर हैं। मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। नगर निगम द्वारा साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का दावा किया गया है। इस बार विशेष है प्राकट्य उत्सव पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जी के प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र व ध्रुव योग के संयोग में आ रही है। कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। शुभ सहयोग में आने वाले प्राकट्य उत्सव पर साधु उपासक हनुमान की कृपा प्राप्त करने के लिए अलग-अलग प्रकार से धार्मिक अनुक्रम करेंगे। गुरुवार का दिन विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह भगवान विष्णु से भी संबंधित है और श्री राम भगवान विष्णु के ही अवतार माने जाते हैं। इस दिन पूर्णिमा होना गुरुवार का दिन होना हस्त नक्षत्र होना यह उत्तरोत्तर प्रबल माने जाते हैं। इस दृष्टि से इस दिन की गई हनुमान जी की साधना ग्रह पीड़ा से मुक्ति दिलाती है। आइए जानते हैं एमपी के प्रमुख हनुमान मंदिरों के बारे में… खेड़ापति हनुमान मंदिर, भोपाल: मनोकामना शिला पर लिखते हैं मनोकामनाएं राजधानी के करोंद में स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर यहां का प्रमुख मंदिर है। इसकी विशेषता है कि भूतल पर एक “मनोकामना शिला” (इच्छा-पुकारने का पत्थर) है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं लिखते हैं। मंदिर 45 वर्ष पुराना है। यहां आज भंडारा, अखंड रामायण पथ (निरंतर जप), और सुबह और शाम महा आरती का आयोजन किया जाएगा। जल्द ही खेड़ापति हनुमान मंदिर पर खेड़ापति लोक की स्थापना की जानी है। पितरेश्वर हनुमान मंदिर (पितृ पर्वत), इंदौर: देश की सबसे ऊंची बैठी हुई हनुमान प्रतिमा यहां यह इंदौर का सबसे भव्य और आधुनिक आकर्षण है। बिजासन रोड पर पितृ पर्वत (पितरा पर्वत) पर स्थित यह मंदिर दूर से ही दिखाई देता है। यहां हनुमान जी की विशाल अष्टधातु की प्रतिमा है, जो बैठी हुई मुद्रा में है और देश की सबसे ऊंची बैठी हुई हनुमान प्रतिमाओं में से एक मानी जाती है (करीब 72-108 फीट तक बताई जाती है, वजन 108 टन)। यह पितर दोष निवारण और पितरों की शांति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। मंदिर शांत वातावरण और पर्यटन स्थल के रूप में भी लोकप्रिय है। शाम में लाइट शो भी होता है। रणजीत हनुमान मंदिर, इंदौर: प्रतिमा ढाल और तलवार लिए युद्ध मुद्रा में इंदौर के फुटी कोठी रोड गुमास्ता नगर में एक प्राचीन और चमत्कारी मंदिर, जो विजय और संकट मोचन के लिए जाना जाता है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा ढाल और तलवार लिए युद्ध मुद्रा (रणजीत रूप) में हैं, साथ में अहिरावण के पैरों में। यह दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर माना जाता है जहां हनुमान जी इस रूप में विराजमान हैं। 1907 के आसपास स्थापित, यह परीक्षा, मुकदमा या किसी चुनौती से पहले आशीर्वाद लेने के लिए प्रसिद्ध है। मंगलवार और शनिवार को भारी भीड़ लगती है, प्रभात फेरी भी निकलती है। मंदिर में केसरिया महल बनाया जा रहा है। केसरिया महल में बाबा रणजीत अपने भक्तों को दर्शन देंगे। छत और आसपास केसरिया पर्दे लगाए जा रहे है। फूल बंगले का श्रृंगार किया जाएगा। आज रात 10 बजे महाभिषेक होगा, रात में श्रृंगार करेंगे जो सुबह 3 बजे तक चलेगा। सुबह 6 बजे बाबा की जन्मोत्सव आरती की जाएगी। गुरुवार को दिनभर भजन गायक भजनों की प्रस्तुति देंगे। भक्तों के लिए कूलर, पानी और शरबत की भी व्यवस्था की गई है। अर्जी वाले हनुमान, जबलपुर: अर्जी लेकर आते हैं भक्त जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित 100 वर्षीय पूर्व स्थापित अर्जी वाले हनुमान जी, जहां आसपास के जिलों से श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाने आते हैं। यहां पूरे मंदिर में अर्जी के लिए नारियल बांधे जाते हैं। श्रद्धालु अपनी अर्जी मंदिर में लिखकर व नारियल सौंप कर जाते हैं। जिसके बाद भक्तों की सारी मनोकामना पूरी होती हैं। मंदिर में दूर दराज से सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन मनोकामना के लिए आते हैं। गर्भ गृह से बाल रूप हनुमान के दर्शन करने का सौभाग्य वर्ष में एक बार मिलता है। मंशापूर्ण हनुमान, ग्वालियर: 26 साल से अखंड रामायण का पाठ ग्वालियर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे 300 साल पुराने मंशापूर्ण हनुमान मंदिर हैं, इस मंदिर की मान्यता है कि यहां भक्त जो भी मनोकामना मांगता है उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। जहां पिछले 26 साल से नॉन स्टॉप अखंड रामायण का पाठ चल रहा है। आज यहां दिन भर भक्तों की भीड़ रहेगी। हनुमान जन्म होने के बाद चोला चढ़कर पूजा अर्चना उसके बाद भजन कीर्तन किए जाएंगे। इसके साथ ही 56 भोग भी चलाया जाएगा, मंदिरों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, सुबह मंदिरों के बाहर छोटे-छोटे मेले लगेंगे। इसके साथ ही भंडारे भी आयोजित होंगे। गेबी हनुमान मंदिर, उज्जैन: यहां हिंगलू और चमेली के तेल से होता है श्रृंगार उज्जैन के ढाबा रोड स्थित प्रसिद्ध गेबी हनुमान की मूर्ती बेहद चमत्कारिक मानी जाती है। यहां हनुमानजी को सिंदूर नहीं हिंगलू यानी लाल रंग और चमेली के तेल से श्रृंगार किया जाता है। यहां गुड़-चना चढ़ाने से भगवान प्रसन्न हो जाते हैं। मंदिर में काला धागा हनुमान जी को स्पर्श कर दिया जाता है। मान्यता है की इस धागे से सभी बुरी बला से मुक्ति मिलती है और अस्वस्थ लोग जल्द ठीक हो जाते हैं। काला धागा पहनने से बुरी नजर और खासकर बच्चों के लिए दिया जाता है। यह देश में पहला मंदिर है जहां हनुमानजी का श्रृंगार हिंगलू और चमेली के तेल से होता है।
विशेष आरती सुबह होगी। इसके पश्चात दिनभर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुचेंगे। सुंदरकांड का पाठ सहित भगवान का विशेष भोग भी लगाया जाएगा। दंदरौआ सरकार, भिंड: यहां डॉक्टर के रूप में पूजते हैं भिंड जिले के डॉक्टर हनुमान मंदिर, जिसे दंदरौआ सरकार धाम भी कहा जाता है। यहां हनुमानजी को डॉक्टर के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां आने से गंभीर बीमारी में भी राहत मिलती है। दंदरौआ धाम में चोला श्रृंगार, भजन पूजन और भंडारा कार्यक्रम होते हैं। 24 घंटे में 1 से 1.5 लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं। परेड वाले हनुमानजी, सागर: सैनिक के रूप में विराजमान हैं सागर के छावनी इलाके में परेड मंदिर है, जिसमें मूंछों वाले हनुमान विराजे हैं। माना जाता है कि यहां हनुमान सैनिक के रूप में विराजमान हैं। कहा जाता है कि सेना का जवान भगवान हनुमान का भक्त था। एक बार सैनिक परेड छोड़कर मंदिर आ गया, तभी कर्नल पहुंच गया और हाजिरी लगाई, तब सैनिक के रूप में भगवान हनुमान ने हाजिरी दी। भोपाल में बसों के रूट में बदलाव राजधानी में यातायात पुलिस के अनुसार, शाम 4 बजे से हलालपुर बस स्टैंड से चलने वाली बसें नादरा बस स्टैंड नहीं जाएंगी और वहीं से संचालित होंगी। इसी तरह नादरा से विदिशा-बैरसिया रूट की बसें बेस्ट प्राइस तक ही सीमित रहेंगी। जुलूस के दौरान सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहन, लोक परिवहन, भारी वाहन, अनुमति प्राप्त वाहन और सवारी वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इससे पुराने शहर के प्रमुख हिस्सों में यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि लालघाटी से वीआईपी रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ताकि जाम और असुविधा से बचा जा सके। शहर के कई मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर भंडारों के आयोजन के चलते पुराने और नए भोपाल के कई इलाकों में स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाएगा।


