पाकुड़ जिले में गुरुवार को चैत्र नवरात्र का उल्लास देखा गया। शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। जिले के सभी प्रखंडों में भी इसी तरह का उत्साह देखने को मिला। शहर के ठाकुरबाड़ी मंदिर, सिंधी पाड़ा स्थित जय माता दी मंदिर और महाकाल मंदिर सहित कई दुर्गा मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने स्नान-ध्यान कर मां भगवती की पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए हिरणपुर स्थित मवेशी हाट के बजरंगबली मंदिर प्रांगण में चैती दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 19 मार्च को कलश यात्रा के बाद कलश स्थापना की गई, जिसके साथ ही नवरात्र पूजन प्रारंभ हो गया। 20 मार्च से 26 मार्च तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ा सह झांकी का आयोजन इसके अतिरिक्त, 27 मार्च को रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा पर स्थानीय कार्यक्रम होंगे। 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ा सह झांकी का आयोजन किया जाएगा। 29 मार्च को कटप्पा झांकी और रंगारंग मंच प्रस्तुतियां होंगी। 30 मार्च को संथाली मेला लगेगा, जबकि 31 मार्च को स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 3 अप्रैल को रक्तदान शिविर, 5 अप्रैल को मूर्ति विसर्जन, 6 अप्रैल को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 7 अप्रैल को महाप्रसाद वितरण होगा।8 अप्रैल को मेले का समापन किया जाएगा। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे नवरात्रि के प्रथम दिन निकली कलश यात्रा में शामिल भक्तों ने जमकर जयकारे लगाए। यह कलश यात्रा प्रखंड क्षेत्र में भ्रमण करती हुई प्रखंड मुख्यालय के कई चौक-चौराहों से गुजरी, जहां पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया गया। कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नवरात्रि को लेकर शहर के हाट-बाजारों में भी काफी रौनक देखी गई। लोग बाजार से फल, फूल और प्रसाद सामग्री की खरीदारी करते नजर आए। नवरात्रि को देखते हुए डीसी और एसपी के निर्देश पर सभी चौक-चौराहों और मंदिरों में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, शहर में यातायात व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शहर के सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा भारतीय नव वर्ष को लेकर शोभायात्रा भी निकाली गई। पाकुड़ जिले में गुरुवार को चैत्र नवरात्र का उल्लास देखा गया। शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। जिले के सभी प्रखंडों में भी इसी तरह का उत्साह देखने को मिला। शहर के ठाकुरबाड़ी मंदिर, सिंधी पाड़ा स्थित जय माता दी मंदिर और महाकाल मंदिर सहित कई दुर्गा मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने स्नान-ध्यान कर मां भगवती की पूजा-अर्चना की। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए हिरणपुर स्थित मवेशी हाट के बजरंगबली मंदिर प्रांगण में चैती दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि 19 मार्च को कलश यात्रा के बाद कलश स्थापना की गई, जिसके साथ ही नवरात्र पूजन प्रारंभ हो गया। 20 मार्च से 26 मार्च तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ा सह झांकी का आयोजन इसके अतिरिक्त, 27 मार्च को रामनवमी और चैती दुर्गा पूजा पर स्थानीय कार्यक्रम होंगे। 28 मार्च को रामनवमी अखाड़ा सह झांकी का आयोजन किया जाएगा। 29 मार्च को कटप्पा झांकी और रंगारंग मंच प्रस्तुतियां होंगी। 30 मार्च को संथाली मेला लगेगा, जबकि 31 मार्च को स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 3 अप्रैल को रक्तदान शिविर, 5 अप्रैल को मूर्ति विसर्जन, 6 अप्रैल को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 7 अप्रैल को महाप्रसाद वितरण होगा।8 अप्रैल को मेले का समापन किया जाएगा। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे नवरात्रि के प्रथम दिन निकली कलश यात्रा में शामिल भक्तों ने जमकर जयकारे लगाए। यह कलश यात्रा प्रखंड क्षेत्र में भ्रमण करती हुई प्रखंड मुख्यालय के कई चौक-चौराहों से गुजरी, जहां पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया गया। कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नवरात्रि को लेकर शहर के हाट-बाजारों में भी काफी रौनक देखी गई। लोग बाजार से फल, फूल और प्रसाद सामग्री की खरीदारी करते नजर आए। नवरात्रि को देखते हुए डीसी और एसपी के निर्देश पर सभी चौक-चौराहों और मंदिरों में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, शहर में यातायात व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त की गई है। इसके अतिरिक्त, शहर के सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा भारतीय नव वर्ष को लेकर शोभायात्रा भी निकाली गई।


