भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि बुधवार को बलिया में भाजपा कार्यालय में ‘समर्पण दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा के नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय असंख्य पीढ़ियों के लिए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बने रहेंगे। मुख्य अतिथि एवं पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि उपाध्याय का मानना था कि स्वदेशी और लघु उद्योग भारत की आर्थिक योजना की आधारशिला होने चाहिए, जिनमें सद्भाव, सांस्कृतिक, राष्ट्रीय नीति और अनुशासन का समावेश हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्वदेशी को प्राथमिकता देते हुए भी वे विश्व स्तर पर हो रहे नवाचारों को अपनाने के खिलाफ नहीं थे। मुख्य वक्ता देवेंद्र त्रिपाठी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को एकात्म मानववाद का प्रणेता बताया। उन्होंने कहा कि यह उनका मूल दर्शन है, जो मनुष्य को शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के रूप में देखता है और आर्थिक विकास को केवल भौतिक नहीं, बल्कि सर्वांगीण मानता है। त्रिपाठी ने ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर जोर दिया, जिसका अर्थ है कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के सबसे गरीब और वंचित व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने शोषण मुक्त समाज और आर्थिक न्याय पर विशेष बल दिया। देवेंद्र त्रिपाठी ने आगे कहा कि पंडित उपाध्याय उद्योगों के विकेंद्रीकरण, कुटीर और ग्रामोद्योगों को बढ़ावा देने तथा बड़े उद्योगों को इनके साथ समन्वित करने की वकालत करते थे, ताकि वे एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी न बनें। जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आर्थिक विचारों का केंद्र ‘एकात्म मानववाद’ बताया। उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने व्यक्ति, समाज और प्रकृति के संतुलन पर जोर दिया था। उनका लक्ष्य ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति का उत्थान) था, जिसके तहत कुटीर और ग्रामोद्योगों के विकेंद्रीकरण, हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर आधारित एक समग्र आर्थिक विकास की वकालत की गई थी, जो पूंजीवाद और साम्यवाद दोनों से भिन्न हो। इस कार्यक्रम के संयोजक जिला उपाध्यक्ष शुभ नारायण सुरेंद्र सिंह और सह संयोजक जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार डम्पू रहे। इस अवसर पर धर्मेंद्र सिंह, आलोक शुक्ला, अमिताभ उपाध्याय, कृष्णा पाण्डेय, संतोष सिंह, अंजनी राय, विनोद पाण्डेय, हिमांशु सिंह, अश्वनी सिंह लिटिल, नितेश मिश्र, जय प्रकाश जायसवाल, राज नाथ पाण्डेय, कमलेश उपाध्याय, कमलेश सिंह, संजय सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।


